महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान हादसे में निधन हो गया है. पिछले 7 महीने में यह दूसरी बार है, जब देश के किसी बड़े नेता की मृत्यु विमान हादसे में हुई है. जून 2025 में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी का निधन विमान हादसे में हो गया था. भारत के इतिहास में अब तक 7 बड़े नेताओं की मृत्यु प्लेन या हेलिकॉप्टर क्रैश में हो चुकी है. इनमें 3 (बलवंतराय मेहता, डोरजी खांडू और वाई राजशेखर रेड्डी) मुख्यमंत्री पद पर काबिज थे.
जून 2025 में विमान हादसे में विजय रुपाणी की मृत्यु हो गई. अब 7 महीने बाद एक प्लेन क्रैश में अजित पवार का निधन हो गया. भारत के इतिहास में 7 बड़े नेता ऐसे रहे हैं, जो विमान हादसे में मारे गए. इनमें 3 तो मुख्यमंत्री के पद पर काबिज थे.
प्रमुख विमान हादसे
बलवंतराय मेहता (1965) – गुजरात के मुख्यमंत्री बलवंतराय मेहता कच्छ युद्ध के दौरान निरीक्षण के लिए उड़ान भर रहे थे। पाकिस्तान द्वारा विमान को निशाना बनाने के कारण मेहता, उनकी पत्नी, तीन कर्मचारी, एक पत्रकार और दो चालक दल के सदस्य मारे गए।
संजय गांधी (1980) – कांग्रेस के सांसद संजय गांधी दिल्ली में निजी विमान उड़ाते समय दुर्घटना का शिकार हुए।
माधवराव सिंधिया (2001) – सिंधिया कानपुर रैली में भाग लेने जा रहे थे, तभी मैनपुरी के पास उनका विमान क्रैश हो गया। वे 56 वर्ष के थे।
जी.एम.सी. बालयोगी (2002) – आंध्र प्रदेश में एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में लोकसभा अध्यक्ष बालयोगी की मृत्यु हुई।
वाई राजशेखर रेड्डी (2009) – आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रेड्डी अपने अधिकारियों के साथ नल्लामाला इलाके से गुजर रहे थे, तभी उनका हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ।
डोरजी खांडू (2011) – अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री खांडू तवांग से इटानगर जा रहे थे, उनका विमान लापता हो गया।
विजय रुपाणी (2025) – गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी अहमदाबाद से उड़ान के दौरान विमान दुर्घटना में मारे गए।



