भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
देवताओं के गुरु बृहस्पति को ज्योतिष में सबसे शुभ और प्रभावशाली ग्रहों में माना जाता है। यह ग्रह ज्ञान, शिक्षा, संतान, विवाह, भाग्य और करियर का कारक है। जिन लोगों की कुंडली में गुरु मजबूत होता है, उन्हें जीवन में सफलता, सम्मान और आर्थिक समृद्धि प्राप्त होती है। वहीं, गुरु के कमजोर होने पर शिक्षा, स्वास्थ्य, करियर और पारिवारिक जीवन में कई तरह की बाधाएं आने लगती हैं।
ऐसे में गुरु पूर्णिमा का दिन गुरु ग्रह को मजबूत करने और गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। वर्ष 2026 में गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए उपायों से गुरु ग्रह की शुभता बढ़ती है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने की मान्यता है।
कमजोर बृहस्पति के संकेत
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि कुंडली में गुरु कमजोर हो तो कुछ संकेत दिखाई दे सकते हैं। इनमें शिक्षा में बार-बार रुकावट आना, मेहनत के अनुरूप सफलता न मिलना, निर्णय लेने में कठिनाई, धार्मिक कार्यों में रुचि कम होना और अहंकार बढ़ना शामिल हैं। इसके अलावा कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं में लीवर संबंधी समस्याएं, पीलिया, मोटापा, थायराइड, बाल झड़ना तथा गले और फेफड़ों से जुड़ी परेशानियों को भी कमजोर गुरु से जोड़ा जाता है। हालांकि, इन स्वास्थ्य समस्याओं के कई चिकित्सीय कारण भी हो सकते हैं, इसलिए इनके लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
गुरु पूर्णिमा पर करें ये उपाय
गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान कर अपने गुरु का स्मरण करें और यदि संभव हो तो उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। यदि गुरु दूर हों तो फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से भी सम्मान प्रकट किया जा सकता है।
इस दिन पीले वस्त्र धारण करना, चना दाल, हल्दी और केले जैसी पीली वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। साथ ही “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करने की परंपरा है। गरीबों को भोजन कराना, ब्राह्मणों को दान देना और धार्मिक व सेवा कार्यों में भाग लेना भी शुभ फलदायी माना जाता है।
क्यों खास है गुरु पूर्णिमा?
गुरु पूर्णिमा केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति सम्मान और आत्मचिंतन का अवसर भी है। मान्यता है कि इस दिन गुरु का आशीर्वाद प्राप्त कर व्यक्ति अपने जीवन को नई दिशा देने और आध्यात्मिक व व्यक्तिगत विकास की ओर अग्रसर हो सकता है। श्रद्धा और सद्भाव के साथ किए गए धार्मिक कार्यों को इस दिन विशेष महत्व दिया जाता है।



