इजराइल-अमेरिका के साथ जारी संघर्ष के बीच ईरान ने मिडिल ईस्ट में हमले तेज कर दिए हैं। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने सऊदी अरब स्थित दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरियों में शामिल रास तनूरा ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया है। यह रिफाइनरी सरकारी तेल कंपनी Saudi Aramco के स्वामित्व में है।
हमले के बाद एहतियातन रिफाइनरी का प्रोडक्शन बंद कर दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रास तनूरा की क्षमता लगभग 5.5 से 6 लाख बैरल प्रतिदिन मानी जाती है। यह दुनिया के सबसे बड़े ऑफशोर ऑयल लोडिंग टर्मिनलों में से एक है, जहां से अमेरिका, एशिया और यूरोप को कच्चे तेल की सप्लाई होती है।
रिफाइनरी बंद होने की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल मच गई और ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में 9.32% की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अरामको का वैश्विक महत्व
1933 में स्थापित और 1980 से पूरी तरह सऊदी सरकार के नियंत्रण में आई सऊदी अरामको का मुख्यालय धहरान में है। कंपनी के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक है और यह प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करती है। गवार जैसे विशाल तेल क्षेत्र भी इसके नियंत्रण में हैं। 2019 में कंपनी ने इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ लॉन्च किया था।
क्षेत्रीय तनाव और बढ़ा
ईरान ने इजराइल के अलावा कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में भी हमले तेज कर दिए हैं। वहीं हिजबुल्लाह के भी संघर्ष में शामिल होने की खबर है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है और आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और उतार-चढ़ाव की आशंका जताई जा रही है।



