भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर हुए खर्च को लेकर केंद्र सरकार ने राज्यसभा में विस्तृत जानकारी दी है। विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने लिखित जवाब में बताया कि साल 2021 से अब तक प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर लगभग 74.5 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
यह जानकारी आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह और CPI(M) के सांसद डॉ. वी. शिवदासन द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न संख्या 2172 के जवाब में दी गई। सांसदों ने वर्ष 2021 से अब तक प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं, उन पर हुए खर्च, हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों (MoUs) और भारत में आए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का विवरण मांगा था।
2021 से अब तक की यात्राओं का पूरा ब्यौरा
विदेश मंत्रालय ने बताया कि 2021 से अब तक प्रधानमंत्री की सभी विदेश यात्राओं का विवरण संसद के समक्ष रखा गया है। सरकार के अनुसार, इन यात्राओं ने भारत के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पुराने दौर की यात्राओं के खर्च का भी जिक्र
सरकार ने जवाब में पूर्व वर्षों की कुछ प्रमुख विदेश यात्राओं पर हुए खर्च का भी उल्लेख किया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:
- 2011 में अमेरिका यात्रा: ₹10.74 करोड़
- 2013 में रूस यात्रा: ₹9.95 करोड़
- 2011 में फ्रांस यात्रा: ₹8.33 करोड़
- 2013 में जर्मनी यात्रा: ₹6.02 करोड़
सरकार ने स्पष्ट किया कि ये संबंधित यात्राओं के दौरान दर्ज वास्तविक खर्च हैं।
निवेश और साझेदारी को मिला बढ़ावा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राओं के दौरान तकनीक, नवाचार, व्यापार, निवेश, रक्षा और ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों में विभिन्न देशों के साथ महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। मंत्रालय का कहना है कि इन कूटनीतिक प्रयासों से भारत की वैश्विक भागीदारी मजबूत हुई है और निवेश आकर्षित करने में मदद मिली है।
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 के बीच भारत में 381.8 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्राप्त हुआ। मंत्रालय ने इसे मजबूत अंतरराष्ट्रीय संबंधों और उच्चस्तरीय कूटनीतिक संवाद का सकारात्मक परिणाम बताया।



