भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। सत्र से पहले रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक आयोजित हुई, जिसमें सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले छह विधेयकों के एजेंडे पर सहमति बनी। साथ ही विभिन्न विधेयकों पर चर्चा के लिए समय आवंटन को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी राजनीतिक दलों से जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक सुझाव देने और सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की। उन्होंने सभी दलों के प्रतिनिधियों से उन विषयों की जानकारी भी मांगी, जिन्हें वे मानसून सत्र की कार्यसूची में शामिल कराना चाहते हैं।
पहले दिन हंगामे के आसार
मानसून सत्र के पहले दिन सदन में हंगामे की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी, NEET पेपर लीक, सोनम वांगचुक समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। वहीं सरकार राज्यसभा में वंदे मातरम् विधेयक पेश करने की तैयारी में है, जिसका विपक्ष विरोध कर सकता है।
सरकार का फोकस अहम विधेयकों पर
सरकार मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। BAC बैठक में सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने प्रस्तावित विधायी कार्यों और अन्य संसदीय विषयों पर अपने विचार साझा किए। आधिकारिक बयान के अनुसार, विभिन्न कार्यों पर चर्चा के लिए समय का अंतिम निर्धारण संसदीय प्रक्रिया और सभी दलों से परामर्श के बाद किया जाएगा।
पीएम मोदी देंगे संदेश
परंपरा के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार सुबह संसद परिसर में मीडिया को संबोधित कर सकते हैं। इस दौरान वे संसद की कार्यवाही को सार्थक और सुचारु बनाने के लिए सभी दलों से सहयोग की अपील कर सकते हैं।
बैठक के अंत में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विश्वास जताया कि सभी सदस्य मिलकर कार्य करेंगे, ताकि मानसून सत्र जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा और सम्मानजनक संसदीय परंपराओं के साथ संपन्न हो सके।



