मुंबई: Maharashtra में धर्मांतरण विरोधी कानून (एंटी कन्वर्जन) को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। Devendra Fadnavis सरकार के इस फैसले के बाद जल्द ही इस संबंध में शासन निर्णय (जीआर) जारी किए जाने की तैयारी है। लंबे समय से लंबित इस कानून को लेकर सरकार का यह बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकार के अनुसार नया कानून जबरन, धोखे से या प्रलोभन देकर कराए गए धर्मांतरण को गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखेगा। ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी।
मंत्री Nitesh Rane ने कहा कि राज्य में लंबे समय से धर्मांतरण विरोधी कानून की मांग की जा रही थी और यह विधेयक काफी सख्त होगा। उन्होंने बताया कि कई हिंदुत्व संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को लेकर वर्षों तक आंदोलन और मोर्चे निकाले थे। उन्हीं मांगों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
राणे ने कहा कि नए कानून के तहत अगर कोई व्यक्ति जबरन, धोखे से या लालच देकर धर्मांतरण कराता है तो उसके खिलाफ नॉन-बेलेबल अपराध के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। ऐसे मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी संभव होगी और उन्हें आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी। कानून के सभी तकनीकी और कानूनी पहलुओं की विस्तृत जानकारी जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी, ताकि आम नागरिकों को इसके प्रावधानों की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
मंत्री ने दावा किया कि प्रस्तावित कानून अन्य राज्यों की तुलना में अधिक सख्त और प्रभावी होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि Madhya Pradesh और Gujarat जैसे राज्यों में पहले से लागू कानूनों से भी ज्यादा कठोर प्रावधान महाराष्ट्र के विधेयक में शामिल किए गए हैं।
इसके अलावा राज्य सरकार किसानों को राहत देने की दिशा में भी काम कर रही है। बताया जा रहा है कि कर्ज से जूझ रहे किसानों के लिए जल्द ही कर्ज माफी को लेकर भी बड़ा फैसला लिया जा सकता है, जिससे हजारों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।



