भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम का ऐलान कर दिया है। करीब सात महीने के इंतजार के बाद सामने आई इस टीम में युवा और अनुभवी नेताओं के बीच संतुलन साधने की कोशिश की गई है। संगठन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
बीजेपी ने नई टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की नियुक्ति की है। इनमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, वरिष्ठ नेता राम माधव, ओडिशा के बैजयंत जय पांडा और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत समेत कई प्रमुख नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है।
स्मृति ईरानी की संगठन में वापसी
नई टीम में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की वापसी को लेकर है। लंबे समय बाद संगठन में उनकी अहम भूमिका तय की गई है। उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। स्मृति ईरानी को नई जिम्मेदारी मिलने को बीजेपी के संगठनात्मक विस्तार की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
महिलाओं को मिला बढ़ा प्रतिनिधित्व
बीजेपी ने नई राष्ट्रीय टीम में महिला नेताओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया है। पार्टी के मुताबिक करीब 33 फीसदी महिला पदाधिकारियों को संगठन में जिम्मेदारी दी गई है। इससे पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में महिला नेतृत्व की भूमिका पहले के मुकाबले और मजबूत होने की उम्मीद है।
नितिन नबीन ने दी नई टीम को बधाई
नई टीम की घोषणा के बाद बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अनुभव और ऊर्जा से समृद्ध यह टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संगठन को नई गति प्रदान करेगी।
नितिन नबीन ने कहा कि नई टीम के सभी सदस्य कार्यकर्ता भाव से संगठन को और मजबूत करेंगे और ‘विकसित भारत’ के संकल्प एवं राष्ट्रसेवा के ध्येय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का काम करेंगे।
सात महीने बाद हुआ टीम का गठन
गौरतलब है कि नितिन नबीन के बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के करीब सात महीने बाद उनकी नई टीम का ऐलान किया गया है। लंबे समय से पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई टीम को लेकर इंतजार था। अब संगठन में नई जिम्मेदारियां तय होने के बाद बीजेपी ने आगामी चुनावों को लेकर अपनी तैयारियों को भी गति देने का संकेत दिया है।
खास तौर पर 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए नई टीम में क्षेत्रीय और राजनीतिक समीकरणों का संतुलन साधने की कोशिश के तौर पर इस फेरबदल को देखा जा रहा है। नई टीम के जरिए बीजेपी ने अनुभवी चेहरों के साथ युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने और संगठन को चुनावी चुनौतियों के लिए तैयार करने का संदेश दिया है।




