नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को संवार रहा है बालाघाट पुलिस का “एकल सुविधा केन्द्र”, रोजगार मेले में L&T ने चुने 105 युवा
बालाघाट। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बालाघाट पुलिस द्वारा संचालित “एकल सुविधा केन्द्र” लगातार महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ दर्ज कर रहा है। इसी पहल के अंतर्गत 36वीं बटालियन, कनकी में 9 से 11 सितम्बर 2025 तक तीन दिवसीय रोजगार मेला आयोजित किया गया।
रोजगार मेले में देश की अग्रणी कंपनी लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (Larsen & Toubro Ltd.) ने युवाओं की योग्यता, कौशल और तकनीकी क्षमता का मूल्यांकन किया। चयन प्रक्रिया के प्रथम चरण में 105 युवाओं का टेक्नीशियन पद पर चयन किया गया, जो क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि “एकल सुविधा केन्द्र” का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नक्सल प्रभाव से दूर रखते हुए उन्हें बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और क्षेत्र का समग्र विकास हो सके।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बालाघाट पुलिस का यह प्रयास युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने वाला है।
एकल सुविधा केन्द्र की बड़ी उपलब्धि: L&T द्वारा चयनित 105 युवाओं ने प्रशिक्षण पूरा कर देश के प्रमुख शहरों में संभाली जिम्मेदारी
बालाघाट। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें रोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से बालाघाट पुलिस द्वारा संचालित “एकल सुविधा केन्द्र” लगातार प्रभावशाली परिणाम दे रहा है। इसी पहल के अंतर्गत 9 से 11 सितम्बर 2025 को 36वीं बटालियन, कनकी में आयोजित तीन दिवसीय रोजगार मेले में लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (Larsen & Toubro Ltd.) ने 105 युवाओं का टेक्नीशियन पद पर चयन किया था।
चयनित सभी युवाओं को कंपनी द्वारा हैदराबाद में दो माह का निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिसमें रहने, भोजन और यात्रा की संपूर्ण व्यवस्था L&T द्वारा की गई। अब ये सभी 105 युवक सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण कर देश के विभिन्न औद्योगिक शहरों—मुंबई, पुणे, चेन्नई, बंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद—में तकनीशियन के रूप में पदस्थ हो गए हैं।
यह सफलता न केवल इन युवाओं के लिए उपलब्धि का क्षण है, बल्कि पूरे बालाघाट जिले के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनी है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से निकलकर प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कंपनी में नौकरी पाने का अवसर इन युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।
“एकल सुविधा केन्द्र” की यह पहल केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन और विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे रोजगार मेलों का नियमित रूप से आयोजन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों में अवसर प्राप्त हो सकें। साथ ही, कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
इस पहल ने बालाघाट पुलिस की भूमिका को सिर्फ कानून-व्यवस्था तक सीमित रखने के बजाय, एक सामाजिक संरक्षक और विकास सहयोगी संस्था के रूप में भी स्थापित किया है। “एकल सुविधा केन्द्र” की सफलता ने साबित कर दिया है कि पुलिस और समाज के संयुक्त प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और नई उम्मीद का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है।



