ईरान युद्ध के बाद पैदा हुए एलपीजी संकट के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने जहां पीएनजी अपनाने की अपील की है, वहीं प्रवासी मजदूरों के लिए एलपीजी आपूर्ति दोगुनी कर दी गई है।
सरकार के फैसले के तहत अब हर राज्य में प्रवासी मजदूरों को मिलने वाले 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की संख्या दोगुनी की जाएगी। यह अतिरिक्त सिलेंडर राज्य सरकारों और उनके खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के जरिए सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाए जाएंगे।
इस योजना के क्रियान्वयन में Oil Marketing Companies (OMCs) की अहम भूमिका होगी, जो वितरण व्यवस्था को सुनिश्चित करेंगी।
क्यों लिया गया फैसला?
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य प्रवासी मजदूरों तक आसानी से खाना पकाने का ईंधन पहुंचाना है। उम्मीद है कि इससे 5 किलो FTL सिलेंडर की रोजाना बिक्री एक लाख यूनिट से ज्यादा हो जाएगी।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, 23 मार्च से अब तक करीब 6.6 लाख ऐसे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।
आपूर्ति और कार्रवाई का हाल
सरकार के मुताबिक, देश में एलपीजी की कोई बड़ी कमी नहीं है। एक ही दिन में 51 लाख से ज्यादा घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति की गई, जिसमें लगभग 95% मांग ऑनलाइन बुकिंग के जरिए पूरी हुई।
इसके साथ ही प्रशासन ने जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी तेज कर दी है। मार्च से अब तक 50,000 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए गए हैं, 1,400 से अधिक नोटिस जारी किए गए हैं और 36 गैस एजेंसियों की डीलरशिप निलंबित की जा चुकी है।



