भोपाल। मध्यप्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों के लिए तारीखों के इंतजार का दौर अब खत्म होने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के हालिया दिल्ली दौरे के बाद चर्चा तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, अगले दिनों में मध्यप्रदेश में सत्ता और संगठन में ताबड़तोड़ नियुक्तियां होने की संभावना है। इन नियुक्तियों में जिला स्तर से लेकर प्रदेश कार्य समिति, निगम, मंडल, आयोग और बोर्ड तक नेताओं को एडजस्ट किया जाएगा।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, एमपी में पिछले दो साल से राजनीतिक नियुक्तियां नहीं हो पा रही थीं। इसका कारण संगठन चुनाव, प्रदेश अध्यक्ष चुनाव और फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष व संगठन महामंत्री के बदलाव को बताया जा रहा है। नियुक्तियों में खींचतान, गुटबाजी और अंतर्कलह भी बड़ी बाधा बनी।
बताया जा रहा है कि क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बनाए रखना भी बड़ी चुनौती रही है। बीजेपी के सीनियर नेताओं के बीच खींचतान और तालमेल की कमी के कारण निर्णय लेने में लगातार देरी होती रही। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, अब हालात को स्थिर किया गया है और राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला शुरू होने वाला है, ताकि संगठन और सत्ता में आवश्यक समन्वय स्थापित हो सके।
एमपी में होने वाली यह नियुक्तियां पार्टी संगठन और सरकार के कामकाज को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली हैं।



