Bhopal: Madhya Pradesh विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान अदाणी समूह से जुड़े मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। संसदीय कार्य मंत्री Kailash Vijayvargiya ने नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar को तीखे शब्दों में “औकात में रहो” कह दिया, जिसके बाद सदन में नारेबाजी और शोर-शराबा बढ़ गया। स्थिति इतनी बिगड़ी कि स्पीकर को कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी।
अदाणी मुद्दे पर टकराव
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान उमंग सिंघार ने सरकार पर अदाणी समूह के साथ समझौते का आरोप लगाते हुए पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की जनता को नुकसान हो सकता है। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कड़ा प्रतिवाद किया और आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी, जिससे विपक्ष भड़क गया।
CM ने मांगी माफी, लाड़ली बहना पर सवाल
हंगामे के बीच मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने सदन में एक अन्य मामले को लेकर माफी मांगी, जिसके बाद माहौल कुछ शांत हुआ। हालांकि, उमंग सिंघार ने सरकार से पूछा कि लाड़ली बहना योजना में नई हितग्राहियों का पंजीयन क्यों बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान होने के बावजूद नई पात्र महिलाओं का रजिस्ट्रेशन न होना चिंताजनक है।
विपक्ष पर CM का पलटवार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चर्चा के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को “छोटे भाई” कहकर संबोधित करते हुए कहा कि विपक्ष की कार्यशैली के कारण जनता उन्हें बार-बार विपक्ष में बैठाती है। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण को प्रदेश के विकास की रूपरेखा बताते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
सीएम ने कहा कि सिंचाई रकबा 44 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा है और इसे 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 10 हजार से बढ़कर 1.69 लाख रुपये तक पहुंची है। साथ ही, 40 मेडिकल कॉलेज, 23 लाख से अधिक MSME इकाइयों और बढ़ते निवेश का उल्लेख करते हुए सरकार की आर्थिक नीतियों का बचाव किया।
सदन में जारी रही तीखी बहस
बजट सत्र के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा। अदाणी मुद्दे और लाड़ली बहना योजना को लेकर उठे सवालों के बीच विधानसभा की कार्यवाही राजनीतिक गर्मी के साथ आगे बढ़ी।



