मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप: दिग्विजय सिंह ने उठाए सवाल, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मतदाता सूची में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि एक ही पते पर 100 से 150 तक मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कई मकान हैं जहां इतने अधिक मतदाता दिखाए गए हैं, जबकि निर्वाचन नियमों के अनुसार किसी एक पते पर 10 से ज्यादा मतदाताओं के नाम होने पर सहायक निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा अनिवार्य रूप से जांच की जानी चाहिए, लेकिन यह जांच नहीं की गई।
- मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप: दिग्विजय सिंह ने उठाए सवाल, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
- मतदाता सूची में गड़बड़ी पर दिग्विजय की चेतावनी: “यदि कोई गड़बड़ी हुई तो कोई नहीं बचा पाएगा”
- आयोग व प्रशासन पर सवाल, भाजपा दबाव का आरोप
- वोट रक्षक अभियान — बीएलए करेंगे मतदाताओं के अधिकार की रक्षा
- स्थानांतरित व गायब नाम — ग्वालियर विधायक का उदाहरण
- 14 दिसंबर को दिल्ली में कांग्रेस की रैली, राष्ट्रपति को सौंपे जाएंगे 35 लाख प्रपत्र — संगठनात्मक नियुक्तियों पर भी हुआ मंथन
- प्रदेश अध्यक्ष ने भी संगठन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा, “हम सब एक हैं।”बैठक में ब्लॉक अध्यक्षों और महिला कांग्रेस के पदाधिकारियों की नियुक्ति जल्द करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि जिस समय यह गड़बड़ी हुई, उस दौरान कौन बीएलओ और कौन सहायक निर्वाचन पदाधिकारी तैनात थे, इसकी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
वह शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मतदाता सूची में गड़बड़ी पर दिग्विजय की चेतावनी: “यदि कोई गड़बड़ी हुई तो कोई नहीं बचा पाएगा”
भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मतदाता सूची में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए अधिकारियों-कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, “मतदाता सूची के काम में लगे सभी कर्मचारियों को चेता देता हूं—यदि कोई गड़बड़ी हुई तो कोई नहीं बचा पाएगा।”
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में दिग्विजय सिंह ने कहा कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि नरेला क्षेत्र के एक घर में जहां वास्तव में केवल चार लोग रहते हैं, वहां मतदाता सूची में 108 नाम दर्ज किए गए हैं, जो स्पष्ट रूप से सुनियोजित फर्जीवाड़ा है।
इस पूरे प्रकरण को मनोज शुक्ला द्वारा सार्वजनिक किया गया है।
बैठक में कांग्रेस ने ‘वोट रक्षक अभियान’ चलाने का निर्णय भी लिया। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ को छोड़कर बाकी अधिकांश सदस्य उपस्थित रहे।
पत्रकारों से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले बीएलओ घर-घर जाकर फार्म भरवाते थे, लेकिन अब संवैधानिक जिम्मेदारी से हटकर काम हो रहा है, जिससे मतदाता सूची में भारी अनियमितताएं पैदा हो रही हैं।
आयोग व प्रशासन पर सवाल, भाजपा दबाव का आरोप
प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से गायब किए जा रहे हैं या गलत ढंग से स्थानांतरित किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि भाजपा के दबाव के कारण चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न उठ रहे हैं।
दिग्विजय ने आयोग की भूमिका पर भी सेंध लगाई और कहा कि जिन अधिकारियों-कर्मचारियों ने संवैधानिक जिम्मेदारियों की अनदेखी की, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
वोट रक्षक अभियान — बीएलए करेंगे मतदाताओं के अधिकार की रक्षा
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बताया कि पार्टी ने मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए ‘वोट रक्षक अभियान’ शुरू करने का निर्णय लिया है। सूची के प्रकाशन के बाद कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता प्रत्येक बूथ पर जाकर नामों की बारीकी से जांच करेंगे।
पटवारी ने कहा कि ब्लॉकवार जिम्मेदारियां तय की जाएँगी और पार्टी के बीएलए (बूथ लेवल समन्वयक) वोट रक्षक की भूमिका निभाएंगे। यदि किसी बूथ पर गलत नाम मिलते हैं तो दावा-आपत्ति का मामला भोपाल से लेकर दिल्ली तक उठाया जाएगा।
स्थानांतरित व गायब नाम — ग्वालियर विधायक का उदाहरण
एसआईआर के लिए गठित समिति के अध्यक्ष सज्जन सिंह वर्मा ने भी बताया कि गड़बड़ियां बड़े पैमाने पर हो रही हैं। वे उदाहरण देते हुए कहा कि ग्वालियर के कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार का नाम उनके अपने विधानसभा क्षेत्र से हटाकर दूसरे विधानसभा क्षेत्र में दर्ज कर दिया गया — यह स्पष्ट रूप से प्रणालीगत गड़बड़ी का संकेत है।
पार्टी का रुख साफ है: दोषियों की पहचान कर मजबूत प्रमाण के साथ न्यायालयीन और निर्वाचन प्रक्रिया के माध्यम से कार्रवाई कराई जाएगी।
14 दिसंबर को दिल्ली में कांग्रेस की रैली, राष्ट्रपति को सौंपे जाएंगे 35 लाख प्रपत्र — संगठनात्मक नियुक्तियों पर भी हुआ मंथन
भोपाल। मतदाता सूची में अनियमितताओं और कथित वोट चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘वोट चोरी–गद्दी छोड़’ अभियान के तहत कांग्रेस ने 14 दिसंबर को नई दिल्ली में बड़ी रैली आयोजित करने की घोषणा की है। इस रैली में देशभर में चलाए गए हस्ताक्षर अभियान के दौरान एकत्र किए गए प्रपत्र राष्ट्रपति को सौंपे जाएंगे।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, मध्य प्रदेश से अकेले 35 लाख प्रपत्र भेजे गए हैं, जो अभियान को मिली भारी जनसहभागिता को दर्शाते हैं।
संगठनात्मक मुद्दों पर सफाई — “हम सब एक हैं”
पत्रकारवार्ता में जिला संगठन मंत्री की नियुक्ति निरस्त करने के सवाल पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि पार्टी में पदों की नियुक्ति उसकी आंतरिक संगठनात्मक व्यवस्था के तहत होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की संरचना में “जिला संगठन मंत्री” नाम का पद नहीं है, बल्कि इसके स्थान पर महासचिव पद मान्य है।
उन्होंने कहा कि इस पर बैठक में भी चर्चा हुई और नियुक्तियां जल्द की जाएंगी।



