भोपाल। मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन में बड़ी समस्या सामने आई है। e‑उपार्जन पोर्टल और एमपी किसान ऐप पर सर्वर डाउन या अत्यधिक धीमा होने के कारण हजारों किसान अपना पंजीयन नहीं करवा पा रहे हैं।
इस मुद्दे पर अरुण यादव ने सरकार पर सवाल उठाते हुए पंजीयन की अंतिम तिथि तुरंत बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि सुबह से लगातार किसानों के कॉल और संदेश मिल रहे हैं कि सर्वर डाउन होने के कारण वे गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन नहीं करा पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ानी चाहिए ताकि कोई भी किसान वंचित न रहे। अरुण यादव ने यह भी आरोप लगाया कि यदि सरकार अवधि नहीं बढ़ाती है, तो यह माना जाएगा कि किसानों को पंजीयन से वंचित करने के लिए कई दिनों से जानबूझकर सर्वर डाउन रखा गया था। उन्होंने कहा कि किसानों के हक के साथ इस तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं पंजीयन प्रक्रिया 7 फरवरी से शुरू हुई थी, जिसकी अंतिम तिथि पहले 7 मार्च तय की गई थी। बाद में किसानों की शिकायतों और तकनीकी समस्याओं को देखते हुए इसे बढ़ाकर 10 मार्च 2026 कर दिया गया।
हालांकि अंतिम दिनों में भी रायसेन, उमरिया, धार और बुरहानपुर जैसे जिलों में सर्वर की समस्या बनी हुई है। कई जगहों पर एक पंजीयन करने में 15 मिनट तक लग रहे हैं, जबकि आधार प्रमाणीकरण और OTP वेरिफिकेशन में भी दिक्कत आ रही है।
किसान संगठनों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और सर्वर की समस्या के कारण बड़ी संख्या में किसान पंजीयन नहीं कर पाए हैं। इससे कई किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर गेहूं बेचने का अवसर चूकने का खतरा है। इस साल गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
अब किसानों और संगठनों की नजर सरकार के फैसले पर है कि क्या पंजीयन की समय सीमा एक बार फिर बढ़ाई जाएगी या नहीं।



