भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुप्रतीक्षित विकास योजना ‘भोपाल मास्टर प्लान-2047’ का ड्राफ्ट आखिरकार जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। ड्राफ्ट जारी होते ही इसे लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है।
भोजताल, कैचमेंट एरिया और वन क्षेत्रों के संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुताबिक, भोपाल विकास योजना-2047 को शहर की प्राकृतिक धरोहरों को संरक्षित रखते हुए भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें भोजताल, कैचमेंट एरिया, वन क्षेत्रों और बाघ भ्रमण क्षेत्रों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
सरकार का कहना है कि मास्टर प्लान के जरिए भोपाल में बेहतर नागरिक सुविधाएं, सुगम यातायात व्यवस्था और आर्थिक विकास के नए अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
‘हरित TDR’ का विशेष प्रावधान
मास्टर प्लान में ‘हरित TDR’ (ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स) का प्रावधान भी किया गया है। इसके तहत हरित क्षेत्रों में आने वाली निजी भूमि के मालिकों को क्षतिपूर्ति देने और विकासकर्ताओं को अतिरिक्त विकास की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
ड्राफ्ट के प्रकाशन के बाद सरकार ने आम नागरिकों, विशेषज्ञों और रहवासियों से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
भाजपा ने कांग्रेस से मांगे रचनात्मक सुझाव
ड्राफ्ट जारी होने के बाद भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजगोपाल लोया ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान तैयार करते समय विभिन्न समीक्षाओं, न्यायालय के निर्देशों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखा गया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से मास्टर प्लान को लेकर आंदोलन और अनशन की बात कर रही थी। अब ड्राफ्ट जारी होने के बाद विपक्ष को राजनीति से अलग हटकर भोपाल के हित में रचनात्मक सुझाव देने चाहिए।
कांग्रेस ने सरकार पर लगाया ‘वाहवाही’ का आरोप
दूसरी ओर, कांग्रेस प्रवक्ता राहुल राज ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा केवल ड्राफ्ट जारी कर वाहवाही हासिल करना चाहती है। उनका कहना है कि बार-बार ड्राफ्ट जारी करने के बजाय सरकार को इसे जल्द से जल्द जमीन पर लागू करने की दिशा में काम करना चाहिए।
कांग्रेस ने रहवासियों, व्यापारियों और आम जनता की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जमीनी स्तर पर दावे-आपत्तियां और सुझाव लेने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि भोपाल को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने के लिए मास्टर प्लान को समयबद्ध तरीके से लागू करना जरूरी है।
अब ड्राफ्ट पर मिलने वाली आपत्तियों और सुझावों के बाद सरकार की ओर से आगे क्या बदलाव किए जाते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।




