इंदौर। मंगलवार दोपहर हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विकास यादव की अचानक तबीयत बिगड़ गई। एक केस की पैरवी करने के बाद वे कोर्ट कक्ष से बाहर निकले ही थे कि उन्हें बेचैनी महसूस हुई। साथी वकीलों ने तुरंत उन्हें पास के अस्पताल पहुंचाया, लेकिन लिफ्ट में ही उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई। 50 वर्षीय यादव रोज की तरह सुबह कोर्ट पहुंचे थे और दोपहर तक कई मामलों की सुनवाई में शामिल रहे।
यहां पैरवी के बाद बाहर निकलकर वे साथी वकीलों से चर्चा कर रहे थे कि अचानक उन्हें बेचैनी होने लगी। वे तुरंत हाई कोर्ट परिसर में बनी डिस्पेंसरी में पहुंचे। यहां डाक्टरों ने उन्हें कुछ गोलियां दीं।
इसके बाद वे साथी वकील के साथ दोपहिया वाहन से पास के अस्पताल गए। वहां लिफ्ट से उपर जाते समय उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। डाक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। एडवोकेट यादव खातेगांव के मूल निवासी थे।



