भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
- MP Police को लेकर CM मोहन यादव ने क्या कहा?
- 27 हजार 534 पुलिसकर्मियों को मिला पदोन्नति का लाभ
- खंडवा में नई पुलिस बटालियन, 3 नई औद्योगिक सुरक्षा बटालियन
- 2026 में 9,751 पुलिसकर्मियों की भर्ती को मंजूरी
- नक्सलवाद के खिलाफ हॉक फोर्स की भूमिका
- सिंहस्थ 2028 के लिए भी तैयार हो रही पुलिस
- पुलिसकर्मियों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
- पुलिसकर्मियों के कल्याण पर सरकार का फोकस
भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों और अधिकारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि खाकी वर्दी प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के विश्वास, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। पुलिसकर्मी पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटी निभाएं, सरकार उनके परिवार के लिए अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह बात 10 अगस्त को भोपाल के रवींद्र भवन में मध्यप्रदेश पुलिस में नई भर्ती और पदोन्नति के लिए आयोजित ‘आभार प्रदर्शन समारोह’ को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम में उन्होंने नवीन भर्ती में चयनित पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए और पदोन्नत अधिकारियों-कर्मचारियों को बैज लगाए।
MP Police को लेकर CM मोहन यादव ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस देश की सबसे अच्छी पुलिस फोर्स में शामिल है। देशभक्ति, जनसेवा, साहस और प्रतिबद्धता के बल पर पुलिस ने देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें सौंपे गए हर दायित्व को उत्कृष्ट तरीके से पूरा किया है।
मुख्यमंत्री ने चंबल में दस्यु समस्या खत्म करने और प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराने में पुलिस की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभाएं और सरकार उनके परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएगी।
27 हजार 534 पुलिसकर्मियों को मिला पदोन्नति का लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सरकार ने पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में रिकॉर्ड 27 हजार 534 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया लागू करने में लगभग 20 हजार पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त हो गए, जिसका उन्हें मलाल है।
उन्होंने बताया कि 30 रक्षित निरीक्षक पदोन्नत होकर उप पुलिस अधीक्षक (DSP) बने हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी अपनी क्षमता और योग्यता के बल पर लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
खंडवा में नई पुलिस बटालियन, 3 नई औद्योगिक सुरक्षा बटालियन
समारोह में मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग से जुड़ी कई अहम घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि खंडवा जिले में नई पुलिस बटालियन की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल के रूप में तीन नई बटालियन बनाई जाएंगी।
इन नई बटालियनों में अति पिछड़ी जातियों के साथ बैगा, भारिया और सहरिया समुदायों की कंपनियां भी शामिल की जाएंगी।
2026 में 9,751 पुलिसकर्मियों की भर्ती को मंजूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14,704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। पुलिस बैंड और एफएसएल की भर्ती प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में विभिन्न पदों पर 9,751 पुलिसकर्मियों की भर्ती के लिए मंजूरी दी गई है। सरकार की कोशिश है कि आगामी दो वर्षों में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के जितने पदों पर भर्ती प्रक्रिया बाकी है, उसे भी जल्द पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड पूरी पारदर्शिता के साथ भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।
नक्सलवाद के खिलाफ हॉक फोर्स की भूमिका
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कार्यक्रम में कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस सभी चुनौतियों से निपटने में सक्षम है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराने में पुलिस की हॉक फोर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने बताया कि हॉक फोर्स में 325 पद और विशेष सहयोगी दस्ते में 882 पदों पर भर्ती की गई है। उनके अनुसार इन्हीं प्रयासों के चलते मध्यप्रदेश नक्सलवाद से मुक्त होने वाला देश का पहला राज्य बना है।
सिंहस्थ 2028 के लिए भी तैयार हो रही पुलिस
डीजीपी ने कहा कि सिंहस्थ 2028 प्रदेश का बड़ा आयोजन होगा और देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे। पिछले दो वर्षों में पुलिस विभाग में 18 हजार से अधिक पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद यह पुलिस बल सिंहस्थ की ड्यूटी के लिए उपलब्ध रहेगा।
उन्होंने कहा कि नई भर्तियों से प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा और अपराध नियंत्रण व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
पुलिसकर्मियों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
समारोह में पदोन्नत अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। उज्जैन में पदस्थ पदोन्नत डीएसपी दीपिका शिंदे ने कहा कि पदोन्नति से पुलिसकर्मियों के साथ उनके परिवारों के सपनों को भी नई दिशा मिली है।
निरीक्षक रीना चौहान ने कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने से उनके परिवार के तीन सदस्यों को इसका लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि पदोन्नति से कर्मचारियों में नई ऊर्जा और निष्ठा का संचार होता है।
प्रशिक्षु डीएसपी विनय कुमार डहरवाल ने बालाघाट से अपने जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि क्षेत्र में नक्सलवाद की चुनौती के बावजूद पुलिस सेवा में आने का उनका सपना पूरा हुआ। वहीं महिला आरक्षण के तहत चयनित आस्था शर्मा ने कहा कि बचपन से खाकी वर्दी पहनना उनका सपना था और शादी व बच्चों के बाद पुलिस विभाग में चयन उनके लिए गौरव की बात है।
पुलिसकर्मियों के कल्याण पर सरकार का फोकस
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों की सेवा, अनुशासन और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारी पूरी की है। सरकार पुलिसकर्मियों के कल्याण और बेहतर सुविधाओं के लिए लगातार काम कर रही है।
समारोह में अपर मुख्य सचिव गृह संजय शुक्ला, स्पेशल डीजी सीआईडी पंकज श्रीवास्तव, आईजी एडमिन हरिनारायणचारी मिश्र सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।




