भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
राजधानी भोपाल के भोज वेटलैंड (बड़े तालाब) में अवैध अतिक्रमण के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सख्त रुख अपनाया है। लगातार निर्देशों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने और एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत न किए जाने पर एनजीटी की सेंट्रल जोन बेंच ने भोपाल नगर निगम (BMC) पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। ट्रिब्यूनल ने निगम की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
पांच बार मांगी रिपोर्ट, फिर भी नहीं मिला जवाब
रामसर साइट घोषित भोज वेटलैंड के संरक्षण से जुड़े इस मामले में एनजीटी ने नगर निगम से पांच बार एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी थी। लेकिन निगम की ओर से हर बार केवल यह कहा गया कि कार्रवाई जारी है। ट्रिब्यूनल ने कहा कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद वास्तविक स्थिति बताने वाली विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश नहीं की गई, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हुई।
FTL क्षेत्र में 290 अवैध निर्माण
याचिका के अनुसार, बड़े तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) क्षेत्र में करीब 290 अवैध निर्माण और अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। आरोप है कि इस संवेदनशील क्षेत्र में अवैध निर्माण, मलबा और कचरा डंपिंग तथा भूमि भराव (लैंड फिलिंग) के कारण तालाब का प्राकृतिक जल प्रवाह प्रभावित हो रहा है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन पर भी असर पड़ रहा है।
22 जुलाई को अगली सुनवाई
एनजीटी ने नगर निगम को निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई तक अतिक्रमण हटाने और संरक्षण के लिए उठाए गए ठोस कदमों का पूरा विवरण प्रस्तुत किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी।
एनजीटी की इस सख्ती के बाद नगर निगम और जिला प्रशासन पर अब प्रभावी कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अगली सुनवाई से पहले बड़े तालाब के FTL क्षेत्र से अवैध निर्माण हटाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।



