भोपाल संवाददाता : रोशनी बिसेन
तेलंगाना में भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) का कहर लगातार जारी है, जहां कई इलाकों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर पहुंच गया है। राज्य में हीटस्ट्रोक के कारण अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक मौतें वारंगल जिले में दर्ज की गई हैं, जहां 23 लोगों ने दम तोड़ दिया।
इसके अलावा संयुक्त करीमनगर जिले में 11, खम्मम में 7, आदिलाबाद और नलगोंडा में 5-5 लोगों की मौत हुई है। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति की मौत अंतिम संस्कार में शामिल होने के दौरान हीटस्ट्रोक से हुई। शुक्रवार को भी तेज गर्मी के चलते 34 लोगों की जान चली गई थी, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।
राज्य सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत कदम उठाए हैं। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने सचिवालय में आपात समीक्षा बैठक की और निर्देश दिए कि अत्यधिक तापमान वाले क्षेत्रों की पहचान कर पहले से चेतावनी और जागरूकता अभियान चलाया जाए। साथ ही बस स्टैंड, बाजार, मुख्य सड़कों और मजदूर क्षेत्रों में ठंडा पानी, छाछ और ORS पैकेट उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा भी की है।
तेलंगाना के 15 जिलों में 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान दर्ज किया गया है, जबकि कोठागुडेम जिले में सर्वाधिक 46.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इधर, आंध्र प्रदेश में भी लू का असर जानलेवा साबित हो रहा है, जहां शनिवार को अलग-अलग जिलों में 16 लोगों की मौत हीटस्ट्रोक से हो गई। इनमें सबसे ज्यादा मामले एनटीआर, कृष्णा और गुंटूर जिलों से सामने आए हैं।
वहीं भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र का ब्रह्मपुरी इस समय देश का सबसे गर्म स्थान बना हुआ है, जहां तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से 4.6 डिग्री अधिक है। देश के कई राज्यों में अभी भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।



