अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय गुजरात के दौरे पर हैं। इसी दौरान जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज सोमवार सुबह भारत पहुंचे और सीधे अहमदाबाद पहुंचे, जहां उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने साथ मिलकर साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026 का उद्घाटन किया और इस मौके पर पतंग उड़ाकर सांस्कृतिक कूटनीति का संदेश दिया।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने साबरमती आश्रम पहुंचकर महात्मा गांधी को नमन किया। दोनों नेताओं ने गांधीजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और चरखे के सूत को अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। आश्रम भ्रमण के बाद फ्रेडरिक मर्ज ने गेस्ट बुक में लिखा कि महात्मा गांधी की अहिंसा की अवधारणा, स्वतंत्रता की शक्ति में उनका विश्वास और हर व्यक्ति की गरिमा में उनकी आस्था आज भी दुनिया को प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि गांधी के आदर्शों की आज पहले से कहीं अधिक जरूरत है।
इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल में दिखी भारत-जर्मनी की दोस्ती
साबरमती आश्रम के बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे, जहां इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल-2026 में शामिल हुए। पीएम मोदी और फ्रेडरिक मर्ज ने साथ में पतंग उड़ाई। इस महोत्सव में 50 देशों के 135 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज भाग ले रहे हैं, जिनमें चिली, कोलंबिया और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के प्रतिभागी शामिल हैं। रात में एलईडी लाइट्स से सजी रंग-बिरंगी पतंगें आकर्षण का केंद्र रहीं। यह महोत्सव अगले 7 दिनों तक चलेगा।
दो दिन के भारत दौरे पर जर्मन चांसलर
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज दो दिन के भारत दौरे पर हैं। इस दौरान वे गांधीनगर में प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। बैठक में व्यापार, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अहम विषयों पर चर्चा होगी और दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनने की संभावना है।
3 दिवसीय गुजरात दौरे पर पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। दौरे के पहले दिन वे सोमनाथ पहुंचे, जहां सोमनाथ मंदिर पर हुए ऐतिहासिक आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने पर आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए। दूसरे दिन अहमदाबाद में उन्होंने 1 किलोमीटर लंबी शौर्य यात्रा में हिस्सा लिया और अहमदाबाद मेट्रो फेज-2 का उद्घाटन किया। तीसरे दिन पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लेकर भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया।





