भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
बालाघाट। मध्य प्रदेश में देर रात हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत बालाघाट जिले के कलेक्टर कुमार सत्यम का तबादला कर दिया गया है। वह महज 72 दिन ही इस पद पर रह सके। राज्य सरकार ने उनकी जगह 2014 बैच के आईएएस अधिकारी आदित्य सिंह को बालाघाट का नया कलेक्टर नियुक्त किया है। वहीं, कुमार सत्यम को हरदा जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
23 आईएएस अधिकारियों के तबादले
मध्य प्रदेश में मंगलवार देर रात प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया। इस दौरान 23 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए और कई अधिकारियों के प्रभार में फेरबदल हुआ। इसी क्रम में बालाघाट कलेक्टर कुमार सत्यम को हटाकर हरदा भेजा गया है। उनके अपेक्षाकृत कम कार्यकाल को लेकर जिले में चर्चा है, हालांकि तबादले की वजह को लेकर कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है।
कौन हैं नए कलेक्टर आदित्य सिंह?
आदित्य सिंह भोपाल में गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास निदेशक के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले वह अशोकनगर और हरदा जिले में कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उन्होंने आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और वह मूल रूप से रीवा, मध्य प्रदेश के निवासी हैं।
उनके सामने अब बालाघाट में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने, जनसमस्याओं का समाधान करने और सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कराने की जिम्मेदारी होगी।
आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था बड़ी चुनौती
बालाघाट के नए कलेक्टर के सामने आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना प्रमुख चुनौती होगी। जिले के आदिवासी इलाकों में बच्चों की मौत से जुड़े मामले पहले भी चर्चा में रहे हैं। इन घटनाओं को लेकर विपक्ष ने सरकार और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।
ऐसे में दूरस्थ गांवों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना, समय पर उपचार सुनिश्चित करना और सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाना नए कलेक्टर की प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है।
जनता को नए कलेक्टर से उम्मीदें
आदित्य सिंह के पूर्व प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए जिलेवासियों को उनसे बेहतर प्रशासनिक समन्वय और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण की उम्मीद है। अब यह देखना होगा कि उनके नेतृत्व में बालाघाट के आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं, स्वास्थ्य सेवाओं और विकास कार्यों को कितनी प्राथमिकता मिलती है।



