भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की लंबी प्रक्रिया आज निर्णायक मुकाम पर पहुंच गई है। चुनाव आयोग 1 जनवरी 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए तैयार की गई अंतिम फोटोयुक्त मतदाता सूची का प्रकाशन 21 फरवरी को करेगा। प्रदेशभर में मतदाता सूची को शुद्ध, त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया गया था।
SIR के दौरान राज्य में 42 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इनमें मृतक, स्थानांतरित, अनुपस्थित, डुप्लिकेट और अन्य अयोग्य श्रेणियों के नाम शामिल हैं। वहीं, नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए 1 लाख 69 हजार 573 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें पात्र पाए गए आवेदकों को अंतिम सूची में शामिल किया गया है।
भोपाल में सबसे ज्यादा असर
राजधानी भोपाल की सात विधानसभा सीटों पर SIR का व्यापक प्रभाव देखने को मिला है। यहां कुल मिलाकर लगभग 3.80 लाख से 4.38 लाख तक नाम कटे हैं। विशेष रूप से गोविंदपुरा और नरेला विधानसभा क्षेत्रों में करीब दो लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। भोपाल मध्य, दक्षिण-पश्चिम और हुजूर सीटों पर भी बड़ी संख्या में नाम विलोपित हुए हैं, जबकि बैरसिया में अपेक्षाकृत कम प्रभाव दर्ज किया गया।
SIR प्रक्रिया के प्रमुख चरण
ड्राफ्ट प्रकाशन: दिसंबर 2025 में प्रारंभिक सूची जारी की गई, जिसमें 42.74 लाख नाम हटाने की पहचान की गई।
दावा-आपत्ति चरण: जनवरी से फरवरी 2026 तक चला, जिसमें राजनीतिक दलों और मतदाताओं ने आपत्तियां और दावे प्रस्तुत किए।
अंतिम प्रकाशन: 21 फरवरी 2026 को सभी जिलों में अंतिम सूची जारी की जाएगी।
मतदाता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्य प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नाम जांच सकते हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, यह प्रक्रिया आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाने की दिशा में अहम कदम है।



