भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
नर्मदापुरम। ज्येष्ठ अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) की सोमवती अमावस्या पर सोमवार को नर्मदा तट श्रद्धालुओं की आस्था से सराबोर नजर आया। अमावस्या, सूर्य संक्रांति और अधिकमास के दुर्लभ महासंयोग के अवसर पर नर्मदा नदी के घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालु पुण्य लाभ की कामना के साथ नर्मदा स्नान के लिए घाटों पर पहुंचने लगे।
रविवार शाम से ही शहर में मेले जैसा माहौल बनने लगा था। बड़ी संख्या में श्रद्धालु सेठानी घाट पहुंचने लगे और रातभर भजन-कीर्तन व जागरण का दौर चलता रहा। सोमवार सुबह सूर्योदय के साथ मुख्य स्नान शुरू हुआ। सेठानी घाट के अलावा विवेकानंद घाट, गोंदरी घाट और पर्यटन घाट पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
इस पावन अवसर पर केवल नर्मदापुरम ही नहीं, बल्कि भोपाल, विदिशा, बैतूल, छिंदवाड़ा और नागपुर सहित कई शहरों से श्रद्धालु नर्मदा स्नान के लिए पहुंचे।
पंडित शुभम दीक्षित ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस महासंयोग पर नर्मदा स्नान, पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर संकल्प लिए और दान-पुण्य किया।
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। राजस्व विभाग, पुलिस और होमगार्ड के जवानों की बड़ी टीम घाटों पर तैनात रही। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए श्रद्धालुओं के गहरे पानी में जाने पर रोक लगाई गई। वहीं सेठानी घाट पर लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार अनाउंसमेंट कर लोगों को सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की जाती रही।
सोमवती अमावस्या के इस दुर्लभ महासंयोग पर नर्मदा तट पर श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।



