भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक का इंतजार अभी जारी है। मानसून फिलहाल तेलंगाना के आसपास ठहरा हुआ है, जिससे प्रदेश में इसकी एंट्री में देरी हो रही है। हालांकि प्री-मानसून गतिविधियों के चलते मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 38 जिलों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार सीहोर और आगर-मालवा जिलों में तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। यदि मानसून की रफ्तार बढ़ती है तो इसके 25 जून के आसपास मध्य प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना है।
जून में 44 प्रतिशत कम बारिश
प्रदेश में मानसून की देरी का असर वर्षा के आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है। जून माह में अब तक सामान्य से 44 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। 55 में से 45 जिले सामान्य वर्षा से पीछे चल रहे हैं। सबसे ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में देखा गया है, जहां औसतन 65 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में भी सामान्य से 27 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
किसानों की बढ़ी चिंता
बारिश की कमी का असर खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ने लगा है। किसान सोयाबीन, मूंग, उड़द और तुअर जैसी फसलों की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। कई क्षेत्रों में पहले से बोए गए बीजों के खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है। हालांकि शुक्रवार को कुछ जिलों में हुई हल्की बारिश से तापमान में आंशिक राहत मिली, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में गर्मी और उमस बरकरार है।
इन जिलों में बनी रहेगी उमस
मौसम विभाग के अनुसार रीवा, सतना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार और खरगोन समेत कई जिलों में तेज धूप और उमस का दौर जारी रह सकता है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की गतिविधियां तेज होने पर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश की शुरुआत हो सकती है, जिससे किसानों और आमजन को राहत मिलने की उम्मीद है।



