भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। मंगलवार शाम राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने सभी नेताओं को हिरासत में लिया और देर रात रिहा कर दिया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कार्रवाई बताते हुए बुधवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया।
उधर, दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन 33वें दिन भी जारी रहा। लगातार तीसरी रात हजारों प्रदर्शनकारी धरना स्थल पर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन में 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई का सामना कर चुके कई लोग भी शामिल हैं।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “देश जाग उठा है।” आंदोलन को लगातार जनसमर्थन और विभिन्न राजनीतिक दलों का साथ मिलने से इसके विस्तार की चर्चा तेज हो गई है।
मंगलवार रात शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे भी जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए युवा शक्ति की सराहना की और CJP नेतृत्व की भी प्रशंसा की। उनके समर्थन को आंदोलन के लिए विपक्ष के एक और बड़े राजनीतिक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
दिल्ली के अलावा हैदराबाद, मुंबई, प्रयागराज समेत कई शहरों में भी प्रदर्शन हुए, जहां विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा NEET पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग दोहराई।



