श्योपुर जिले के बड़ौदा तहसील कार्यालय में सोमवार को किसानों और नायब तहसीलदार के बीच विवाद की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार, कुछ किसान अपनी फसलों के मुआवजे की जानकारी लेने कार्यालय पहुंचे थे, तभी अधिकारी के व्यवहार को लेकर माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
लगातार बारिश से बर्बाद हुईं फसलें
पिछले कुछ दिनों से श्योपुर जिले के बड़ौदा क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण खेतों में खड़ी सोयाबीन और बाजरा जैसी फसलें पानी में डूब गई हैं। सैकड़ों हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। किसान प्रशासन से शीघ्र राहत और मुआवजे की उम्मीद लगाए हुए हैं।
जानकारी लेने पहुंचे थे किसान
सोमवार सुबह कई किसान मुआवजे की प्रक्रिया और संभावित राशि की जानकारी लेने तहसील कार्यालय पहुंचे। किसानों का कहना है कि उन्होंने केवल अपने हक की जानकारी मांगनी चाही, लेकिन उन्हें नायब तहसीलदार द्वारा इंतजार करने को कहा गया। जब वे दोबारा जानकारी लेने पहुंचे, तो अधिकारी अचानक भड़क उठे और किसानों से ऊंची आवाज में बात करने लगे।
कार्यालय में बढ़ा तनाव, एकत्र हुए अन्य किसान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नायब तहसीलदार की तीखी प्रतिक्रिया के बाद किसानों ने आपत्ति जताई। देखते ही देखते कार्यालय परिसर में अन्य किसान भी एकत्र हो गए और दोनों पक्षों में तीखी बहस होने लगी। स्थिति बिगड़ने पर कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
किसानों के आरोप और प्रशासन की प्रतिक्रिया
किसानों का आरोप है कि अधिकारी ने उनसे अभद्र भाषा में बात की, जबकि वे सिर्फ अपने नुकसान और मुआवजे की जानकारी लेना चाहते थे। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अब तक कई गांवों में सर्वे टीम नहीं पहुंची है, जिससे किसान और अधिक परेशान हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, जिले में फसल नुकसान का सर्वे कार्य जारी है और जल्द ही प्रभावित किसानों को राहत राशि प्रदान की जाएगी।
कर्ज और नुकसान से चिंतित किसान
लगातार बारिश और फसल खराब होने के कारण किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ गया है। खेतों में फसलें सड़ने से स्थिति और गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सर्वे कार्य में तेजी लाई जाए और मुआवजा जल्द वितरित किया जाए ताकि आगामी फसल बुवाई की तैयारी समय पर हो सके।



