ग्वालियर में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’, 2 लाख करोड़ की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण
सीएम डॉ. मोहन यादव ने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को किया नमन, मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में जुड़ेगा नया अध्याय
भोपाल।
मध्य प्रदेश की विकास यात्रा में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। ग्वालियर में आयोजित ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ के तहत राज्य में 2 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मौके पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न, अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न, श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में आज जुड़ेगा नया अध्याय।”
डॉ. मोहन यादव ने अपने पोस्ट में यह भी बताया कि केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे और औद्योगिक परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समिट मध्यप्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा और राज्य की आर्थिक प्रगति में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
मध्य प्रदेश की विकास यात्रा और निवेश के संकल्प को साकार करने के लिए आज ग्वालियर में आयोजित किया जा रहा है “अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट 2025”। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री सिंधिया और राज्य के सभी कैबिनेट मंत्री शामिल होंगे।
समिति की शुरुआत सुबह 11:50 बजे मेला ग्राउंड में होगी, जहां 2 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों के लिए भूमि आवंटन किया जाएगा। इसके अलावा, 10,000 करोड़ रुपए के विभिन्न उद्योग परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण भी इसी मौके पर होगा।
समिट में देश के 11 बड़े उद्योग घराने भी शामिल होंगे और मध्यप्रदेश सरकार पिछले दो वर्षों की औद्योगिक विस्तार, निवेश उपलब्धियों और रोजगार सृजन की जानकारी साझा करेगी।
यह कार्यक्रम विशेष रूप से महत्वपूर्ण इसलिए भी है क्योंकि इसे भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जन्म जयंती पर आयोजित किया जा रहा है। मेला मैदान में अटल जी के जीवन और कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जो कार्यक्रम का आकर्षण केंद्र होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समिट से न केवल मध्यप्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार सृजन और राज्य की आर्थिक प्रगति को भी मजबूती मिलेगी।



