भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भारतीय जनता पार्टी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है। भोपाल में पत्रकारों से चर्चा के दौरान सिंघार ने आरोप लगाया कि देश में संविधान और लोकतंत्र से जुड़े सवाल उठाने वाली आवाजों को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए।
‘13 करोड़ वोट कहां गए?’
उमंग सिंघार ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से सवाल किया कि कथित तौर पर गायब हुए 13 करोड़ वोटों का हिसाब देश की जनता को कब मिलेगा। उन्होंने मांग की कि आयोग पूरी मतदाता सूची अपने आधिकारिक पोर्टल पर सार्वजनिक करे, ताकि नागरिक अपने और अपने क्षेत्र के मतदाताओं के नाम आसानी से देख सकें।
सिंघार ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में पारदर्शिता नहीं होने से आगामी 2028 के विधानसभा चुनावों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
पिछड़ों और वंचितों के अधिकार का मुद्दा उठाया
नेता प्रतिपक्ष ने पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी आबादी को उसके अधिकार और उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
उमंग सिंघार ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि वे संविधान और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दे लगातार उठा रहे हैं। सिंघार ने दावा किया कि इन मुद्दों पर देश की जनता का समर्थन राहुल गांधी के साथ है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल
सिंघार ने चुनाव आयोग से मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है।
हालांकि, सिंघार द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं। चुनाव आयोग और बीजेपी का इन आरोपों पर अलग पक्ष है। ऐसे में मतदाता सूची और कथित तौर पर गायब वोटों से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।




