West Bengal Election 2026 और Tamil Nadu Election 2026 में इस बार मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया। चुनाव आयोग के मुताबिक, शाम 5 बजे तक पश्चिम बंगाल में 89.93% और तमिलनाडु में करीब 84% मतदान दर्ज किया गया, जो दोनों राज्यों के इतिहास में अब तक के सबसे ऊंचे आंकड़ों में शामिल है। अंतिम आंकड़ा बंगाल में 95% तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें, महिलाओं में खास उत्साह
सुबह से ही दोनों राज्यों में मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं। ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया। कई इलाकों में शाम तक भी मतदाताओं की भीड़ बनी रही।
पुराने रिकॉर्ड टूटे
पश्चिम बंगाल में मतदान प्रतिशत ने पिछले चुनावों के आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया:
- 2016: 82.66%
- 2021: 83.17%
- 2026: 89.93% (शाम 5 बजे तक)
वहीं तमिलनाडु में भी रिकॉर्डतोड़ मतदान दर्ज हुआ:
- 2016: 74.24%
- 2021: 72.73%
- 2026: ~84% (शाम 5 बजे तक)
राजनीतिक दावे तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे “परिवर्तन की लहर” बताया, जबकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि जनता ने उनकी सरकार के समर्थन में भारी मतदान किया है।
SIR फैक्टर और बढ़ी भागीदारी
विशेष मतदाता सूची संशोधन (SIR) प्रक्रिया के चलते बड़ी संख्या में नए मतदाता जुड़े और पुराने रिकॉर्ड अपडेट हुए। चुनाव विश्लेषकों का मानना है कि इसका सीधा असर मतदान प्रतिशत पर पड़ा है, जिससे लोगों की भागीदारी बढ़ी।
हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं
हालांकि, मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण नहीं रहा। मुर्शिदाबाद, नवदा समेत कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में झड़प, पत्थरबाजी और बमबाजी की घटनाएं सामने आईं। कई जगहों पर केंद्रीय बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके अलावा मालतीपुर में एक महिला मतदाता की मौत की दुखद घटना भी सामने आई।
क्या 95% का आंकड़ा छुएगा बंगाल?
चुनाव आयोग के रुझानों के अनुसार, आखिरी घंटे में आमतौर पर 2–3% अतिरिक्त मतदान होता है। ऐसे में सभी की नजर इस बात पर है कि क्या पश्चिम बंगाल इस बार 95% के ऐतिहासिक आंकड़े को छू पाएगा।



