Navneet Rana On Mustafizur Rahman:
नई दिल्ली: बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित अत्याचार को लेकर भारत में नाराज़गी लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच आईपीएल में बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बयानबाज़ी तक पहुंच गया है। हिंदू संगठनों और कथावाचकों ने बांग्लादेश में मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का हवाला देते हुए मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाने की मांग की थी।
मांग पूरी न होने की स्थिति में आईपीएल टीम KKR और उसके मालिक शाहरुख खान के विरोध की चेतावनी भी दी गई थी। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बड़ा कदम उठाते हुए KKR को मुस्तफिजुर रहमान को टीम से रिलीज करने का निर्देश दिया।
इस फैसले के बाद बीजेपी की फायरब्रांड नेता नवनीत राणा की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। नवनीत राणा ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और भारत की भावना के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा, सम्मान और हिंदुओं के अधिकारों से जुड़ा यह मुद्दा केवल खेल तक सीमित नहीं है।
नवनीत राणा के बयान के बाद यह मामला और ज्यादा गरमा गया है। राजनीतिक गलियारों में इसे खेल और राजनीति के टकराव के रूप में देखा जा रहा है, वहीं बीसीसीआई के फैसले ने पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया है।
फिलहाल, मुस्तफिजुर रहमान की रिलीज के बाद आईपीएल और KKR की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
नवनीत राणा ने कहा कि जब बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है, तब भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों या फिल्मी हस्तियों का स्वागत करना गलत संदेश देता है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ऐसे हालात में भारत को सख्त रुख अपनाना चाहिए।
बीजेपी नेता ने आगे कहा कि यह सिर्फ खेल या मनोरंजन का मुद्दा नहीं है, बल्कि मानवाधिकार और देश की भावनाओं से जुड़ा विषय है। उन्होंने मांग की कि जब तक बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार नहीं रुकते, तब तक भारत में किसी भी बांग्लादेशी क्रिकेटर या सेलिब्रिटी को मंच नहीं दिया जाना चाहिए।
नवनीत राणा के इस बयान के बाद राजनीतिक और खेल जगत में बहस तेज हो गई है। खासतौर पर आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से जुड़े मामलों में उनके बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
बढ़ते विरोध और विवाद को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बड़ा कदम उठाया। बीसीसीआई ने कोलकाता नाइट राइडर्स को मुस्तफिजुर रहमान को टीम से बाहर करने का निर्देश दिया। बोर्ड के इस फैसले के बाद आईपीएल और क्रिकेट जगत में हलचल मच गई है।
बताया जा रहा है कि यह विरोध बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों के मुद्दे से जुड़ा हुआ था, जिसे लेकर भारत में नाराज़गी देखी जा रही है। इसी पृष्ठभूमि में मुस्तफिजुर रहमान की KKR से रिलीज का फैसला लिया गया।
फिलहाल KKR या बीसीसीआई की ओर से इस मुद्दे पर विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन यह फैसला आईपीएल 2026 से पहले एक बड़ा और संवेदनशील कदम माना जा रहा है।
KKR का आधिकारिक बयान
KKR ने अपने बयान में कहा,
“KKR यह पुष्टि करती है कि आईपीएल की नियामक संस्था BCCI/IPL ने आगामी सीजन से पहले फ्रेंचाइजी को मुस्ताफिजुर रहमान को टीम से रिलीज करने का निर्देश दिया था।”
बयान में आगे कहा गया कि BCCI के निर्देशों के तहत सभी आवश्यक प्रक्रियाओं और परामर्श के बाद यह निर्णय लिया गया। साथ ही KKR को रिप्लेसमेंट खिलाड़ी को टीम में शामिल करने की अनुमति भी दे दी गई है।
मुस्ताफिजुर रहमान का आईपीएल सफर
मुस्ताफिजुर रहमान ने 2016 से अब तक आठ आईपीएल सीजन खेले हैं। वह केवल 2019 और 2020 में टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं रहे। अपने आईपीएल करियर में उन्होंने SRH, MI, DC, CSK और RR जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व किया है।
आईपीएल 2026 में पहली बार KKR की जर्सी पहनने वाले मुस्ताफिजुर का यह सपना अब अधूरा रह गया।
भारत–बांग्लादेश क्रिकेट रिश्तों में तल्खी
भारत और बांग्लादेश के क्रिकेट संबंधों में भी पिछले कुछ समय से तनाव देखने को मिल रहा है। दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्हाइट-बॉल द्विपक्षीय सीरीज को पिछले साल टाल दिया गया था। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने इसे सितंबर में बांग्लादेश में कराने की बात कही थी, लेकिन BCCI की ओर से अब तक कोई ठोस सहमति नहीं दी गई है।
राजनीतिक और सामाजिक हालात को देखते हुए फिलहाल इस सीरीज के होने की संभावना कम मानी जा रही है।
मुस्ताफिजुर रहमान की KKR से रिलीज और भारत–बांग्लादेश रिश्तों में बढ़ती तल्खी ने क्रिकेट और राजनीति के मेल पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।



