भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माने जाने वाले सावन माह का शुभारंभ इस वर्ष 30 जुलाई 2026 से हो रहा है। पूरे महीने शिव भक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, व्रत और विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। खास बात यह है कि इस बार सावन में कुल 4 सावन सोमवार पड़ रहे हैं, जिन्हें भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
सावन कब से शुरू होगा?
पंचांग के अनुसार, कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 जुलाई की रात 8:05 बजे से प्रारंभ होकर 30 जुलाई की रात 9:30 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर 30 जुलाई को सावन माह का पहला दिन माना जाएगा।
सावन सोमवार की तारीखें
- पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026
- दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026
- तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026
- चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026
पहले दिन बन रहे हैं शुभ संयोग
सावन की शुरुआत इस बार कई शुभ योगों के साथ हो रही है। आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, श्रवण नक्षत्र और गुरुवार का संयोग पहले दिन के धार्मिक महत्व को और बढ़ा रहा है। मान्यता है कि इन शुभ योगों में की गई शिव पूजा और व्रत का विशेष फल मिलता है।
रुद्राभिषेक और शिव पूजा का महत्व
सावन का पूरा महीना शिव आराधना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है, लेकिन सोमवार के दिन रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। इसके अलावा 11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि और प्रदोष व्रत पर भी विधि-विधान से पूजा करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
क्यों खास है सावन सोमवार?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार का व्रत रखने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, दांपत्य जीवन सुखमय बनता है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में भी लाभ मिलता है। वहीं, अविवाहित कन्याएं मनचाहे वर की प्राप्ति की कामना से यह व्रत रखती हैं। भक्तों का विश्वास है कि सावन सोमवार पर सच्चे मन से की गई शिव भक्ति से भगवान भोलेनाथ मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।



