उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में 14 मार्च की प्रातःकालीन भस्म आरती के दौरान भगवान महाकालेश्वर का दिव्य और आकर्षक श्रृंगार किया गया। इस पावन अवसर पर बाबा महाकाल के मस्तक पर त्रिशूल और त्रिपुंड का तिलक लगाया गया, वहीं गले में रुद्राक्ष की माला अर्पित कर उनका अलौकिक रूप सजाया गया।
भोर होते ही मंदिर के गर्भगृह में विधि-विधान के साथ भस्म आरती संपन्न हुई। आरती के दौरान मंदिर परिसर में “हर-हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयघोष गूंज उठे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस दिव्य आरती में शामिल हुए और बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
भक्तों के अनुसार भस्म आरती के समय बाबा महाकाल का यह अद्भुत श्रृंगार मन को शांति और आस्था से भर देता है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु प्रतिदिन इस विशेष आरती के दर्शन करने के लिए उज्जैन पहुंचते हैं।
माना जाता है कि भगवान शिव के इस ज्योतिर्लिंग स्वरूप के दर्शन और भस्म आरती में शामिल होने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।



