रतलाम। मध्य प्रदेश भाजपा में लंबे समय से प्रतीक्षित निगम-मंडल, आयोग और नगरीय निकायों में एल्डरमैनों की नियुक्ति को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार रतलाम पहुंचे हेमंत खंडेलवाल ने इस संबंध में अहम बयान दिया है।
प्रेस वार्ता के दौरान एक सवाल के जवाब में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि नियुक्तियों की सूची में कुछ बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा, “लिस्ट ट्विस्ट हो गई है और बहुत जल्द जारी की जाएगी।” उनके इस बयान के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में हलचल तेज हो गई है।
माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों से भाजपा संगठन को मजबूती मिलेगी और लंबे समय से इंतजार कर रहे नेताओं को जल्द जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, निगम-मंडल, आयोग और नगरीय निकायों में एल्डरमैनों की सूची अंतिम चरण में है और किसी भी समय इसका ऐलान हो सकता है।
प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और अब सभी की नजरें नियुक्तियों की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।
प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि “सत्ता और संगठन का चोली-दामन का साथ है, हम दोनों एक साथ रहकर काम कर रहे हैं।” उनके इस बयान को संगठनात्मक समन्वय और निर्णय प्रक्रिया की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान स्थिति भाजपा के लिए चुनौतीपूर्ण भी है। प्रदेश में सरकार बने हुए दो साल पूरे हो चुके हैं, जबकि नगरीय निकाय चुनावों को तीन साल से अधिक का समय बीत चुका है। ऐसे में यदि भारतीय जनता पार्टी अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को निगम-मंडल या अन्य पदों के माध्यम से ऑब्लाइज करना चाहती है, तो सवाल यह भी है कि तीन साल बाद इन नियुक्तियों से कितना राजनीतिक लाभ मिल पाएगा।
पार्टी के भीतर यह चर्चा जोरों पर है कि इन नियुक्तियों का असर आगामी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक संतुलन पर कितना प्रभावी रहेगा। फिलहाल, सभी की नजरें नियुक्तियों की सूची जारी होने और उसके राजनीतिक निहितार्थों पर टिकी हुई हैं।



