इंदौर।
देश में आठवें वेतन आयोग को लेकर सरकारी कर्मचारियों में उत्सुकता चरम पर है। हर कोई जानना चाहता है कि सैलरी कितनी बढ़ेगी, आयोग कब लागू होगा और इससे कितना फायदा मिलेगा। लेकिन इसी उत्सुकता को अब साइबर ठग अपने नए हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। आठवें वेतन आयोग के नाम पर ठगी का एक नया तरीका सामने आया है, जिसमें एक क्लिक पर आपकी पूरी जमा पूंजी साफ हो सकती है। इसे लेकर इंदौर क्राइम ब्रांच ने विशेष एडवाइजरी जारी की है।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, आठवें वेतन आयोग को लेकर इंटरनेट पर सर्च तेजी से बढ़ी है। लोग सैलरी बढ़ोतरी से जुड़ी जानकारी पाने के लिए ऑनलाइन सर्च कर रहे हैं। इसी का फायदा उठाकर साइबर ठग व्हाट्सएप, फेसबुक और मोबाइल मैसेज के जरिए फर्जी लिंक भेज रहे हैं। इन मैसेज में लिखा होता है— “आठवें वेतन आयोग में आपकी सैलरी कितनी बढ़ेगी, अभी जानें।”
जैसे ही कोई व्यक्ति इस लिंक पर क्लिक करता है, उसके मोबाइल में एक APK फाइल डाउनलोड हो जाती है। फाइल खुलते ही मोबाइल का पूरा कंट्रोल साइबर अपराधियों के हाथ में चला जाता है। ओटीपी, बैंक डिटेल, पासवर्ड और अन्य निजी जानकारी हैक हो जाती है। इसके बाद कुछ ही मिनटों में बैंक खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं।
क्राइम ब्रांच ने बताया कि इस तरह की ठगी का सबसे ज्यादा शिकार सरकारी कर्मचारी हो रहे हैं, क्योंकि वेतन आयोग से जुड़ी जानकारी पाने की उनकी उत्सुकता अधिक होती है। ठग इसी भरोसे और जिज्ञासा को निशाना बना रहे हैं।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने स्पष्ट किया है कि सरकार की ओर से वेतन आयोग से जुड़ी कोई भी जानकारी कभी भी APK फाइल, निजी लिंक या सोशल मीडिया मैसेज के जरिए नहीं भेजी जाती। यदि किसी को इस तरह का मैसेज या लिंक प्राप्त हो, तो उसे तुरंत डिलीट करें और किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
साथ ही, यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।



