नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बजट सत्र 2026 के उद्घाटन अवसर पर लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सदनों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है और सरकार भ्रष्टाचार और घोटालों से निपटने में सफल रही है। राष्ट्रपति ने स्पष्ट कहा, “हम किसी को ना डराएं और न ही किसी से डरें।”
सत्र के दौरान, विपक्षी सांसदों ने ‘VB- जी राम जी कानून’ का जिक्र करते हुए हंगामा किया और कानून को वापस लेने की मांग की।
सत्र का समय
बजट सत्र 28 जनवरी से 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा। इसे दो हिस्सों में आयोजित किया जाएगा:
पहला हिस्सा: 28 जनवरी से 13 फरवरी
दूसरा हिस्सा: 9 मार्च से 2 अप्रैल
इस दौरान कुल 30 बैठकें होंगी, जिसमें 28 जनवरी और 1 फरवरी को कोई शून्यकाल नहीं होगा।
राष्ट्रपति के मुख्य संदेश
आर्थिक प्रगति: बीते 11 वर्षों में देश की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई, महंगाई दर कम रखने का रिकॉर्ड बना, जिससे मध्यम वर्ग और गरीबों को लाभ मिला।
सुरक्षा और आतंकवाद: ऑपरेशन सिंदूर, आतंकियों पर निर्णायक कार्रवाई और माओवादी गतिविधियों में कमी। 2,000 से अधिक माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया।
वैश्विक भूमिका: भारत कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बीच तेजी से विकास की राह पर, वैश्विक दक्षिण की आवाज मुखर और मजबूत।
महिला सशक्तिकरण: 10 करोड़ महिलाओं को स्व सहायता समूहों से जोड़ा गया; 60 लाख महिलाएं लखपति बनीं; ड्रोन दीदी कार्यक्रम में तेजी।
अंतरिक्ष और रेलवे: भारत अपना स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है; वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं।
व्यापार और रोजगार: यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
राष्ट्रपति ने रविंद्रनाथ टैगोर के विचार को दोहराते हुए कहा कि आज़ादी तब तक अधूरी है जब तक हर नागरिक आत्मनिर्भर जीवन न जी सके।



