नई दिल्ली। देश का आम बजट-2026 पेश होने की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा। इससे पहले मोदी सरकार ने आज बजट सत्र को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, यह बैठक रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में होगी, जिसमें विधायी कार्यों और अन्य महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में 35 से अधिक राजनीतिक दलों के सांसदों के शामिल होने की संभावना है।
बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ होगी। इसके बाद 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा और मोदी 3.0 सरकार का तीसरा पूर्ण बजट माना जा रहा है।
2 से 4 फरवरी तक धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा
बजट सत्र के दौरान लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए अस्थायी रूप से तीन दिन—2 से 4 फरवरी—तय किए गए हैं। 28 जनवरी और 1 फरवरी को शून्यकाल नहीं होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 7.4 प्रतिशत विकास दर के अनुमान और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच बजट पेश करेंगी।
2 अप्रैल तक चलेगा बजट सत्र
बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान एक इंटरसेशन ब्रेक भी रहेगा। सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक और दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक निर्धारित किया गया है। पूरे बजट सत्र में कुल 30 बैठकें होंगी।
कांग्रेस ने भी बुलाई रणनीतिक बैठक
सर्वदलीय बैठक से पहले कांग्रेस ने भी बजट सत्र की रणनीति को लेकर संसदीय दल के स्ट्रैटजी ग्रुप की बैठक बुलाई है। यह बैठक मंगलवार को CPP चेयरपर्सन सोनिया गांधी के आवास पर होगी, जिसमें पार्टी की संसद में भूमिका और मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
बजट सत्र में इन विधेयकों पर हो सकती है चर्चा
बजट सत्र के दौरान लोकसभा में 9 विधेयक लंबित हैं। इनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 शामिल हैं। इन विधेयकों की जांच फिलहाल संसदीय स्थायी या प्रवर समितियों द्वारा की जा रही है।



