मध्य पूर्व में एयरस्पेस बंद: 1 मार्च को 444 उड़ानें रद्द होने की आशंका, 850 से अधिक फ्लाइट्स प्रभावित
अमेरिका और इजराइल के सैन्य हमलों के बाद ईरान समेत 11 देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है, जिसका असर भारत की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी पड़ा है। एयरस्पेस प्रतिबंधों के चलते 850 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुई हैं, जबकि रविवार (1 मार्च) को 444 उड़ानें रद्द होने की आशंका जताई गई है।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अनुसार, ईरान और मध्य पूर्व के कई देशों में हवाई क्षेत्र बंद होने से बड़े पैमाने पर व्यवधान उत्पन्न हुआ है। 28 फरवरी को भी 410 उड़ानें रद्द की गई थीं।
डीजीसीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि संभावित मार्ग परिवर्तन को संभालने और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख हवाई अड्डों को ऑपरेशनल अलर्ट पर रखा गया है।
इस बीच, 28 फरवरी को एयरसेवा पर 216 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 105 का समाधान किया गया। प्रभावित यात्रियों को आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि एयरलाइनों को वैश्विक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत जरूरत पड़ने पर उड़ानों के पुनर्निर्देशन या मार्ग परिवर्तन के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सर्वोपरि है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
साथ ही भारतीय विमानन प्राधिकरण (एएआई) और निजी हवाई अड्डा संचालकों को ग्राउंड हैंडलिंग, पार्किंग, यात्री सुविधाओं और आव्रजन सहायता के लिए बेहतर समन्वय बनाए रखने की सलाह दी गई है।
एयरलाइनों ने प्रभावित यात्रियों को रीशेड्यूलिंग या रिफंड का विकल्प दिया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन से फ्लाइट स्टेटस की पुष्टि अवश्य कर लें।



