नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 13 अप्रैल बेहद महत्वपूर्ण दिन साबित हो सकता है। नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी की अहम बैठक इस दिन होने जा रही है, जिसमें 8वें वेतन आयोग को सौंपे जाने वाले ज्ञापन को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इस बैठक में कर्मचारियों के वेतन, भत्तों, पेंशन और सेवा शर्तों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की उम्मीद है। इससे पहले 12 मार्च को हुई बैठक में इन विषयों पर प्रारंभिक मंथन किया जा चुका है, जबकि कर्मचारी संगठनों ने अपने सुझाव भी आयोग को सौंप दिए हैं।
फिटमेंट फैक्टर पर टिकी नजर
कर्मचारियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। कर्मचारी संगठन इसे 3.25 या उससे अधिक करने की मांग कर रहे हैं, ताकि महंगाई के अनुरूप वेतन में ठोस बढ़ोतरी हो सके। यही फैक्टर नए वेतन निर्धारण का आधार बनेगा।
DA को बेसिक में मिलाने की मांग
वर्तमान में कर्मचारियों को 58% महंगाई भत्ता (DA) मिल रहा है, जो जल्द 60% तक पहुंच सकता है। कर्मचारी संगठन DA को मूल वेतन में मर्ज करने की मांग कर रहे हैं। यदि ऐसा होता है, तो बेसिक सैलरी बढ़ेगी और इसके साथ ही HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA), पेंशन और ग्रेच्युटी जैसे अन्य लाभों में भी इजाफा होगा।
18 महीनों में आएंगी सिफारिशें
सरकार पहले ही 8वें वेतन आयोग का गठन कर चुकी है और उसे अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीनों का समय दिया गया है। आयोग वेतन संरचना, भत्तों और पेंशन से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करेगा।
13 अप्रैल की बैठक के बाद तैयार किया गया ज्ञापन आयोग के लिए आधार दस्तावेज बनेगा। इससे आने वाले समय में लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सैलरी और सुविधाओं पर सीधा असर पड़ सकता है।



