देश की राजधानी दिल्ली से देवभूमि उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक सफर अब पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो सकता है। दिल्ली-ऋषिकेश ‘नमो भारत’ को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) को हरिद्वार और ऋषिकेश तक विस्तार देने की योजना पर चर्चा जारी है।
यदि यह प्रोजेक्ट लागू होता है, तो दिल्ली से ऋषिकेश तक का सफर घटकर करीब 2.25 से 3 घंटे रह जाएगा। इससे न सिर्फ यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि पर्यटन और तीर्थयात्रा को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। खासकर दिल्ली-NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए यह सुविधा बेहद आरामदायक साबित होगी।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य दिल्ली-NCR को उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों से तेज गति से जोड़ना है। फिलहाल नमो भारत कॉरिडोर दिल्ली को मेरठ से जोड़ता है, जिससे यात्रा का समय पहले ही काफी कम हो चुका है। प्रस्तावित विस्तार मेरठ के मोदीपुरम से शुरू होकर नेशनल हाईवे-58 के साथ आगे बढ़ेगा और कई प्रमुख कस्बों को कवर करेगा।
इस योजना को उस समय गति मिली जब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के बीच हाई लेवल बैठक हुई। इस दौरान रैपिड रेल नेटवर्क के विस्तार पर विशेष चर्चा की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, यह रूट दौराला, खतौली और पुरकाजी जैसे प्रमुख इलाकों से होकर गुजरेगा। इसके बाद यह रुड़की होते हुए हरिद्वार के ज्वालापुर और अंत में ऋषिकेश तक पहुंचेगा।
यह प्रोजेक्ट लागू होने पर न सिर्फ कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा, बल्कि पर्यटन, रियल एस्टेट और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही वीकेंड ट्रिप और तीर्थयात्राएं पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएंगी।



