भोपाल संवाददाता: रोशनी बिसेन
राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली। हादसा इतना भयावह था कि कई लोग जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से कूदने को मजबूर हो गए, जबकि दर्जनों लोग इमारत के भीतर फंस गए। दमकल विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
अधिकारियों के मुताबिक सुबह करीब 9 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद तत्काल दमकल की कई गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। शुरुआती स्तर पर दो वॉटर टेंडर, दो वॉटर बाउजर और एक क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल (QRV) को तैनात किया गया। आग की गंभीरता को देखते हुए बाद में कुल 10 दमकल गाड़ियों को राहत कार्य में लगाया गया।
एक ही निकास मार्ग बना मौत का कारण?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस परिसर में आग लगी, उसके पास केवल 6 कमरों के संचालन का लाइसेंस था, जबकि इमारत में कथित तौर पर 25 से अधिक कमरे बनाए गए थे। सबसे गंभीर बात यह रही कि इमारत से बाहर निकलने के लिए केवल एक ही निकास मार्ग मौजूद था। आग फैलने के बाद लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और कई लोग अंदर ही फंस गए।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि बेसमेंट के बाहरी गेट पर ताला लगा हुआ था, जिससे वहां मौजूद लोगों के लिए बाहर निकलना लगभग असंभव हो गया। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
तीसरी मंजिल से कूदे लोग, स्थानीय लोगों ने बचाईं जानें
आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई लोग जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से नीचे कूद गए। स्थानीय निवासियों ने तत्काल सड़क पर गद्दे और अन्य सामान बिछाकर कई लोगों की जान बचाने की कोशिश की। राहत कार्य शुरू होने से पहले ही स्थानीय लोग घायलों को अस्पताल पहुंचाने और फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुट गए थे।
40 से ज्यादा लोगों को निकाला गया सुरक्षित
डीसीपी साउथ अनंत मित्तल के अनुसार, सुबह 8:48 बजे घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने संयुक्त अभियान शुरू किया। राहत अभियान के दौरान 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। वहीं दमकलकर्मियों ने बेसमेंट समेत इमारत के अलग-अलग हिस्सों से कई लोगों को रेस्क्यू किया।
विदेशी नागरिक भी हादसे की चपेट में
हादसे में कई विदेशी नागरिकों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, इनमें अधिकांश अफ्रीकी देशों के नागरिक हैं, जो अपने परिजनों के इलाज के सिलसिले में दिल्ली आए थे और इसी परिसर में ठहरे हुए थे। प्रशासन प्रभावित विदेशी नागरिकों की पहचान और राष्ट्रीयता की पुष्टि में जुटा हुआ है तथा संबंधित दूतावासों से भी संपर्क किया जा रहा है।
आग कैसे लगी?
आग लगने के कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है। मौके पर पहुंचे सोमनाथ भारती के मुताबिक, होटल के बाहर तारों के जाल में शॉर्ट सर्किट होने से आग लगी हो सकती है, जो बाद में किचन तक पहुंच गई और पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। फिलहाल फोरेंसिक और संबंधित एजेंसियां आग के वास्तविक कारणों की जांच कर रही हैं।
इस दर्दनाक हादसे ने राजधानी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं और भवन नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर किन लापरवाहियों ने 21 लोगों की जान ले ली।



