भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
भोपाल / इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में 30 से ज़्यादा आदिवासी बच्चों की मौत के मामले को लेकर प्रदेश की मोहन यादव सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा और तीखा राजनीतिक हमला बोला है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट साझा कर राज्य में कुपोषण, स्वास्थ्य अव्यवस्था, मिलावटी दवाओं, कानून व्यवस्था और अवैध शराब के मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।
‘दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिले तो जमीनी हालत देखें सीएम’
राहुल गांधी ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर लिखा— “बालाघाट में बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में 30 से ज़्यादा आदिवासी बच्चों की जान जा चुकी है, लेकिन सरकार कार्रवाई की बजाय सोती रही।”
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा— “दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो जरा राज्य की जमीनी हालत भी देखिए। साफ़ पानी की कमी, चरमराती स्वास्थ्य सेवाएं, मिलावटी दवाइयां और जहरीली अवैध शराब मासूमों व परिवारों को तबाह कर रही हैं।”
इंदौर दौरे का जिक्र कर शिक्षा व्यवस्था को बताया ‘बर्बाद’
अपने आगामी इंदौर दौरे का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने राज्य की कानून और शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वे लगातार छात्रों और युवाओं से फीडबैक ले रहे हैं, जिसके मुताबिक मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था आज पूरे देश में सबसे ज़्यादा बर्बाद हो चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सूबे में दलित, आदिवासी, पिछड़े, गरीब और महिलाएं— हर वर्ग आज प्रताड़ित महसूस कर रहा है। अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए लिखा— “मध्य प्रदेश सरकार आज भारत की सबसे भ्रष्ट और सबसे कुशासित सरकार है- यही सच्चाई है।”
गरमाई प्रदेश की सियासत, पलटवार की तैयारी में बीजेपी
एक तरफ जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बीजेपी नेतृत्व कार्यक्रमों में व्यस्त हैं, वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी के इस बेहद आक्रामक रुख के बाद मध्य प्रदेश की सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। बालाघाट में बच्चों की इतनी बड़ी संख्या में मौत और नेता प्रतिपक्ष के सीधे आरोपों के बाद अब सत्ता पक्ष (BJP) की ओर से भी बड़े पलटवार की उम्मीद जताई जा रही है।



