भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
धर्म डेस्क। भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माने जाने वाले सावन मास की शुरुआत 30 जुलाई से हो चुकी है। यह पावन महीना 28 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ समाप्त होगा। पूरे सावन में शिव मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, व्रत और धार्मिक आयोजनों की धूम रहेगी। श्रद्धालु शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे, वहीं महिलाएं सावन सोमवार और मंगला गौरी व्रत रखकर सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करेंगी।
इस बार सावन का महीना धार्मिक दृष्टि से और भी विशेष माना जा रहा है, क्योंकि पूरे महीने में कई प्रमुख व्रत-त्योहारों के साथ सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का भी संयोग बन रहा है।
अगस्त 2026 के प्रमुख व्रत और त्योहार
- 3 अगस्त – पहला सावन सोमवार
- 10 अगस्त – दूसरा सावन सोमवार, सोम प्रदोष
- 11 अगस्त – सावन शिवरात्रि
- 12 अगस्त – हरियाली अमावस्या, पूर्ण सूर्य ग्रहण
- 15 अगस्त – हरियाली तीज
- 17 अगस्त – नाग पंचमी, तीसरा सावन सोमवार
- 23 अगस्त – पुत्रदा एकादशी
- 24 अगस्त – चौथा सावन सोमवार
- 27 अगस्त – श्रावण पूर्णिमा
- 28 अगस्त – रक्षाबंधन, वरलक्ष्मी व्रत, गायत्री जयंती और आंशिक चंद्र ग्रहण
अगस्त 2026 की अन्य प्रमुख तिथियां
- 1 अगस्त – जयापार्वती व्रत समाप्त
- 2 अगस्त – संकष्टी चतुर्थी
- 4, 11, 18 अगस्त – मंगला गौरी व्रत
- 5 अगस्त – कालाष्टमी
- 8 अगस्त – रोहिणी व्रत
- 9 अगस्त – कामिका एकादशी
- 14 अगस्त – चंद्र दर्शन
- 16 अगस्त – गणेश चतुर्थी व्रत
- 19 अगस्त – तुलसीदास जयंती
- 20 अगस्त – दुर्गाष्टमी
- 25 अगस्त – भौम प्रदोष व्रत
- 26 अगस्त – ओणम, ऋग्वेद उपाकर्म
- 27 अगस्त – यजुर्वेद उपाकर्म
- 31 अगस्त – कजरी तीज
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में भगवान शिव की पूजा, व्रत और दान-पुण्य का विशेष फल मिलता है। इस बार ग्रहण और प्रमुख पर्वों के एक साथ पड़ने से पूरे महीने का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया है।



