भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
नई दिल्ली Gen Z आंदोलन के बाद केंद्र सरकार सामाजिक मुद्दों और जनकल्याण से जुड़े क्षेत्रों को लेकर ज्यादा सतर्क नजर आ रही है। 2027 में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सरकार की योजनाओं और मंत्रियों के कामकाज की लगातार समीक्षा को अहम माना जा रहा है।
इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार शाम एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज और मंत्रियों के समग्र प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। खास तौर पर सामाजिक न्याय और सामाजिक कल्याण से जुड़े क्षेत्रों पर फोकस रहने की संभावना है।
सामाजिक क्षेत्र से जुड़े मंत्रालयों की होगी समीक्षा
जानकारी के मुताबिक, समीक्षा बैठक में सामाजिक न्याय और कल्याण से संबंधित मंत्रालयों के कुछ राज्य मंत्रियों (MoS) और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों को बुलाया गया है।
बैठक में जिन मंत्रालयों के कामकाज पर विशेष ध्यान रहने की बात कही जा रही है, उनमें शिक्षा मंत्रालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और कृषि मंत्रालय समेत अन्य संबंधित विभाग शामिल हैं।
इस दौरान मंत्रालयों की योजनाओं की प्रगति, जमीनी स्तर पर उनके क्रियान्वयन और मंत्रियों के कामकाज का आकलन किया जा सकता है। साथ ही जवाबदेही और तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।
आने वाले दिनों में भी होंगी समीक्षा बैठकें
सूत्रों के मुताबिक, यह समीक्षा बैठक एक व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है। आने वाले दिनों में राज्य मंत्रियों के दूसरे समूह के साथ भी ऐसी बैठकें आयोजित की जा सकती हैं।
इन बैठकों को मंत्रियों के परफॉर्मेंस रिव्यू से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि मंत्रियों के कामकाज और प्रदर्शन का असर भविष्य में होने वाले कैबिनेट फेरबदल में भी दिखाई दे सकता है। केंद्र सरकार में समय-समय पर मंत्रियों के प्रदर्शन के आधार पर जिम्मेदारियों में बदलाव किए जाते रहे हैं।
PM मोदी लगातार समीक्षा पर दे चुके हैं जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भी सरकारी योजनाओं और मंत्रालयों के कामकाज की नियमित समीक्षा पर जोर देते रहे हैं। सितंबर में जल शक्ति मंत्रालय के दो दिवसीय राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने सम्मेलन में दिए गए सुझावों को निर्धारित समयसीमा में लागू करने की बात कही थी।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि योजनाओं और कामकाज की लगातार समीक्षा जरूरी है, ताकि जरूरत के मुताबिक समय रहते सुधार किए जा सकें।
पानी की बढ़ती जरूरत को लेकर भी दिए थे निर्देश
प्रधानमंत्री ने तेजी से बढ़ती शहरी आबादी और भविष्य में पानी की बढ़ती जरूरत को लेकर स्थानीय निकायों को तैयार रहने की बात कही थी। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में पानी की मांग को ध्यान में रखते हुए बेहतर योजना और तैयारी पर जोर दिया।
इसके अलावा उन्होंने जल संरक्षण से जुड़ी तकनीकों को ज्यादा से ज्यादा अपनाने और भारतीय निर्माताओं व संबंधित संस्थाओं को प्रभावी समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही थी।
ऐसे में सोमवार को होने वाली समीक्षा बैठक को सरकार के सामाजिक कल्याण, जनहित की योजनाओं और मंत्रियों के प्रदर्शन की निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




