जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सेंट्रल जीएसटी कार्यालय में छापामार कार्रवाई की। गौरी घाट रोड स्थित जीएसटी डिविजन ऑफिस में की गई इस कार्रवाई के दौरान सीबीआई ने इंस्पेक्टर सचिन खरे को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की इस कार्रवाई में 10 से 12 अधिकारी शामिल थे। बताया जा रहा है कि इंस्पेक्टर सचिन खरे ने होटल व्यवसायी विवेक त्रिपाठी के ओयो (OYO) ट्रांजैक्शन को लेकर आपत्ति जताई थी और उनके खिलाफ करीब एक करोड़ रुपये की टैक्स रिकवरी निकालने की बात कही थी। मामले को निपटाने के एवज में इंस्पेक्टर द्वारा 10 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार को चार लाख रुपये की रिश्वत तय की गई थी। इससे पहले ही होटल कारोबारी विवेक त्रिपाठी ने मामले की शिकायत सीबीआई से कर दी। शिकायत के आधार पर सीबीआई की टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही कारोबारी ने इंस्पेक्टर को रिश्वत की रकम सौंपी, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
इस कार्रवाई के बाद असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा सहित कार्यालय के अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। सीबीआई की टीम जीएसटी डिविजन कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों की भी गहन जांच कर रही है।
उल्लेखनीय है कि इसी दिन जबलपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में इनकम टैक्स और जीएसटी विभाग की टीमें कारोबारियों के ठिकानों पर कार्रवाई कर रही थीं। ऐसे में सेंट्रल जीएसटी कार्यालय में सीबीआई की रेड से प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई और शहरभर में यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है।



