31 December History : एक दिन बाद देश और दुनिया नए साल में प्रवेश कर लेंगे, लेकिन इससे पहले साल के अंतिम दिन 31 दिसंबर से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रमों को जानना जरूरी है। इतिहास में यह तारीख कई बड़े फैसलों और आंदोलनों की गवाह रही है, जिनका असर देश-दुनिया पर लंबे समय तक पड़ा।
आज ही के दिन ब्रिटिश महारानी द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी को पंजीकरण का फरमान सौंपा गया था, जिसने आगे चलकर भारत पर अंग्रेजी हुकूमत की नींव रखी। यह फैसला भारतीय इतिहास में एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ।
इसी तारीख को महात्मा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज के लिए आंदोलन की शुरुआत की थी, जिसने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। इस आंदोलन ने देशवासियों में आज़ादी की चेतना को और मजबूत किया।
इसके अलावा 31 दिसंबर को देश और विदेश में कई अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं भी घटी हैं, जिनका उल्लेख इतिहास के पन्नों में दर्ज है। साल के अंतिम दिन से जुड़ी ये घटनाएं न केवल अतीत की याद दिलाती हैं, बल्कि भविष्य के लिए भी सीख छोड़ जाती हैं।
इतिहास की कुछ प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं—
1492 में इटली के सिसली क्षेत्र से करीब 1 लाख यहूदियों को निष्कासित किया गया।
1600 में ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ प्रथम ने शाही फरमान जारी कर ईस्ट इंडिया कंपनी के पंजीकरण का आदेश दिया, जिसने आगे चलकर भारत पर अंग्रेजी शासन की नींव रखी।
1781 में अमेरिका का पहला बैंक ‘बैंक ऑफ नॉर्थ अमेरिका’ शुरू हुआ।
1802 में पेशवा बाजीराव द्वितीय को ब्रिटिश संरक्षण प्राप्त हुआ।
1861 में चेरापूंजी में 22,990 मिमी वर्षा दर्ज हुई, जो आज भी विश्व रिकॉर्ड है।
जन्म और निधन से जुड़ी अहम घटनाएं—
1915 में प्रसिद्ध लोक कलाकार यमुनाबाई वाईकर का जन्म हुआ, जिन्हें ‘लावणी की क्वीन’ कहा जाता है।
1925 में प्रसिद्ध व्यंग्यकार श्रीलाल शुक्ल का जन्म हुआ।
1956 में मध्य प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रविशंकर शुक्ल का निधन हुआ।
1979 में प्रसिद्ध पर्वतारोही अंशु जमसेनपा का जन्म हुआ।
राजनीतिक और वैश्विक घटनाएं—
1949 में 18 देशों ने इंडोनेशिया को मान्यता दी।
1964 में इंडोनेशिया को संयुक्त राष्ट्र से निष्कासित किया गया।
1983 में ब्रुनेई इंग्लैंड की गुलामी से आज़ाद हुआ और यह ब्रिटिश शासन से मुक्त होने वाला आख़िरी देश बना।
1984 में राजीव गांधी 40 वर्ष की उम्र में भारत के सातवें प्रधानमंत्री बने, वहीं मोहम्मद अजहरुद्दीन ने टेस्ट क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की।
1988 में भारत और पाकिस्तान ने परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने को लेकर समझौता किया।
दुखद घटनाएं भी रहीं दर्ज—
1999 में इंडियन एयरलाइंस फ्लाइट IC-814 का अपहरण हुआ, जो सात दिन बाद समाप्त हुआ।
2004 में अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में नाइट क्लब में आग से 175 लोगों की मौत हुई।
2014 में चीन के शंघाई में नए साल की पूर्व संध्या पर भगदड़ में 36 लोगों की जान गई।
निष्कर्ष
31 दिसंबर केवल जश्न और विदाई का दिन नहीं, बल्कि यह तारीख इतिहास के कई निर्णायक मोड़ों, संघर्षों, आज़ादी और त्रासदियों की गवाह भी रही है।



