
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि “केरला फेस्ट” सांस्कृतिक एकीकरण और भाईचारे का जीवंत उदाहरण है। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश और केरल के बीच समरसता का सेतु है। कार्यक्रम का उद्घाटन दशहरा मैदान में दीप प्रज्जवलन और पुष्पवर्षा के साथ हुआ। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर, SBI और नाबार्ड के अधिकारी तथा युनाइटेड मलयाली एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। फेस्ट में मलयाली समुदाय की सांस्कृतिक प्रस्तुति, लोक नृत्य और शिल्प स्टाल्स प्रदर्शित किए गए। राज्यपाल ने कहा कि यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश की विविधता में एकता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण है।

विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मलयाली समुदाय कर्तव्यनिष्ठ समाज है इसीलिए साक्षरता और स्वच्छता में देश में अग्रणी है। समुदाय ने सेवा, समर्पण, रचनात्मक सृजनशीलता, सांस्कृतिक गतिविधियों और कार्य क्षेत्र में कर्तव्य परायणता से विशिष्ट स्थान बनाया है। उनकी नेक नियति और कार्य संस्कृति ने सभी को प्रभावित किया है। उन्होंने मध्यप्रदेश कॉडर के पूर्व आई.ए.एस. अधिकारी के द्वारा भोपाल जहाँ नौकरी के लिए आने वाले लोग बस जाते हैं वैसे शहर में बसने के बजाए अपने केरल स्थित छोटे से घर में बसने के निर्णय की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि मलयाली समुदाय का अपनी संस्कृति के प्रति समर्पण का ही प्रमाण केरल से इतनी दूर रहकर भी उन्होंने अपने जीवन मूल्यों और परंपराओं को जीवंत बनाएं रखा है।
मुख्य महाप्रबंधक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया प्रबाश कुमार सुबुदि ने कहा कि गोड्स ओन कन्ट्री के कलर्स और फ्लेवर का प्रतीक केरला फेस्ट है। उन्होंने कहा कि मलयाली समुदाय जहाँ भी जाता है अपने सांस्कृतिक जीवन मूल्यों को लेकर जाता है। वह भारत की विविधता में एकता के सच्चे राजदूत हैं। उन्होंने कहा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया विकास में सहयोग के लिए सामुदायिक प्रगति और सांस्कृतिक सद्भाव को बढ़ाने के हर गतिविधि को सदैव प्रोत्साहित करता है।
नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती ने कहा कि मलयाली समुदाय सांस्कृतिक चेतना, प्राकृतिक सौंदर्य, कला, परंपरा, अनुशासन और सोहार्द्र के लिए प्रसिद्ध है। केरल के वस्त्र, व्यंजन, कलाओं ने भारत की सांस्कृति धरोहर को समृद्ध किया है। समुदाय अपनी जड़ो को किस प्रकार जीवंत रख सकता है केरला फेस्ट का आयोजन उसका प्रमाण है। उन्होंने बताया कि नाबार्ड ने ग्रामीण कौशल, सृजनशीलता को बढ़ाने और स्व-सहायता समूहों के आत्म विश्वास और स्वावलंबन को मजबूत करने के लिए फेस्ट में 10 स्टाँलो को एस.एच.जी के लिए प्रायोजित किया है।
युनाइटेड मलयाली एसोसिएशन के अध्यक्ष ओ.टी. जोसेफ ने स्वागत उद्बोधन में बताया की संस्था चार दशकों से संस्कृति संवर्धन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका के क्षेत्रों में सहयोग के साथ ही मानवता की सेवा प्रयासों, विद्यालयों, आश्रय गृहों की मरम्मत, मोबाइल मर्च्युरी और अंत्येष्टी सहायता भी प्रदान करती है। आभार प्रदर्शन ऐसोसिएशन के उपाध्यक्ष श्री अनिल कुमार ने किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मलयाली समुदाय की महिलाओं ने केरल के लोक नृत्य की प्रस्तुति दी। अतिथियों को केरल के सांस्कृतिक प्रतीक हाथी के मस्तक पर शोभित किए जाने वाले आभूषण नेट्टी-पट्टम स्मृति स्वरूप भेंट किया गया। स्वागत पुष्प गुच्छ से किया गया। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन से शुभारंभ हुआ।



