Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 6 January:
अयोध्या धाम में विराजमान संपूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी प्रभु श्री रामलला सरकार का श्रृंगार प्रतिदिन अत्यंत भव्य और दिव्य रूप में किया जाता है। राम जन्मभूमि मंदिर में हर दिन भगवान श्री राम भक्तों को अलग-अलग अलौकिक रूपों में दर्शन देते हैं। प्रभु के श्रृंगार में प्रयुक्त फूलों की माला विशेष रूप से दिल्ली से मंगाई जाती है, जो उनकी शोभा को और अधिक दिव्य बनाती है।
रामलला की दिनचर्या का शुभारंभ प्रातः 6:30 बजे पहली आरती से होता है। इस दौरान प्रभु को जगाकर पूजन किया जाता है, फिर लेप, स्नान और वस्त्र धारण की विधि संपन्न होती है। मौसम के अनुसार प्रभु को विशेष वस्त्र पहनाए जाते हैं—ग्रीष्म ऋतु में हल्के और सूती वस्त्र, जबकि शीत ऋतु में ऊनी और स्वेटरनुमा वस्त्र धारण कराए जाते हैं।
दोपहर 12 बजे भोग आरती होती है, वहीं सायंकाल 7:30 बजे संध्या आरती का आयोजन किया जाता है। इसके पश्चात 8:30 बजे प्रभु को शयन कराया जाता है। श्रद्धालु रामलला के दर्शन सायं 7:30 बजे तक कर सकते हैं।
रामलला को प्रतिदिन चार समय भोग अर्पित किया जाता है। प्रत्येक समय के अनुसार अलग-अलग व्यंजन परोसे जाते हैं, जो राम मंदिर की पवित्र रसोई में बनाए जाते हैं। दिन की शुरुआत बाल भोग से होती है, जिसमें प्रभु को विशेष प्रसाद अर्पित किया जाता है।
इसी क्रम में माघ माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि, विक्रम संवत 2082 (मंगलवार, 6 जनवरी) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या धाम में ब्रह्मांड नायक श्री रामलला सरकार का शुभ और अलौकिक श्रृंगार संपन्न हुआ। इस दिव्य श्रृंगार के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और जय श्री राम के उद्घोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।



