भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर देश में जारी राजनीतिक घमासान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा कि संसद में आने से पहले इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि जब संसद का सत्र चल रहा हो, तब प्रधानमंत्री को सदन के पटल पर बयान देना चाहिए, न कि देर रात संसद के बाहर वीडियो संदेश जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पहले छात्रों से माफी मांगें और प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें, इसके बाद विपक्ष शिक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।
सोनिया गांधी ने भी सरकार को घेरा
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले कुछ सप्ताह से छात्र परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना था कि छात्रों की मांग केवल जवाबदेही तय करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की है, लेकिन सरकार ने संवाद के बजाय दमन का रास्ता अपनाया।
सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनने के बजाय आंदोलन को अलग तरीके से पेश करने की कोशिश की गई।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात जारी अपने वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ कड़े दंड का प्रावधान करने वाला कानून लाने की तैयारी कर रही है और इस संबंध में प्रस्तावित विधेयक को संसद के मौजूदा सत्र में पेश करने का प्रयास किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो, इसके लिए कम समय में दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
NEET पेपर लीक मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज हो रहे हैं। विपक्ष जहां सरकार से जवाबदेही और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है, वहीं केंद्र सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कानून को और मजबूत बनाने की बात कह रही है।



