AIIMS Dr Rashmi Suicide Attempt Case: भोपाल AIIMS में हड़कंप, हाई लेवल कमेटी गठित; HOD डॉ. यूनुस पद से हटाए गए
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा द्वारा आत्महत्या के प्रयास का मामला सामने आने के बाद संस्थान में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए AIIMS प्रशासन ने हाई लेवल कमेटी का गठन किया है, जो पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी। वहीं, ट्रॉमा एवं इमरजेंसी विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HOD) डॉ. यूनुस को उनके पद से हटा दिया गया है।
यह चौंकाने वाली घटना 11 दिसंबर की रात की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, डॉ. रश्मि वर्मा ड्यूटी पूरी कर घर लौटने के बाद एनेस्थीसिया की हाई डोज खुद को इंजेक्ट कर ली। इसके चलते उनका दिल करीब 7 मिनट तक बंद रहा, जिससे उनके दिमाग को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
डॉक्टरों के मुताबिक, एमआरआई रिपोर्ट में ग्लोबल हाइपोक्सिया ब्रेन डैमेज की पुष्टि हुई है। फिलहाल डॉ. रश्मि वर्मा वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। इलाज में जुटे चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
इस मामले ने AIIMS प्रशासन और मेडिकल समुदाय में कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब अब गठित जांच समिति की रिपोर्ट के बाद सामने आने की उम्मीद है।
HOD पद से हटाए गए डॉ. यूनुस, एम्स प्रबंधन और स्वास्थ्य मंत्रालय की आपात बैठक
भोपाल AIIMS की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा आत्महत्या प्रयास मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। ट्रॉमा एवं इमरजेंसी विभाग के HOD डॉ. यूनुस को उनके पद से हटा दिया गया है। इस मामले को लेकर एम्स प्रबंधन और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच आपात बैठक हुई, जिसमें पूरे घटनाक्रम की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि डॉ. यूनुस पर पहले भी डॉक्टरों को प्रताड़ित करने के आरोप लग चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन्हीं आरोपों के मद्देनजर उन्हें HOD पद से हटाने का फैसला लिया गया है। फिलहाल कार्यस्थल पर तनाव, मानसिक उत्पीड़न और प्रताड़ना से जुड़े आरोपों की विस्तृत जांच की जा रही है।
एम्स प्रबंधन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच समिति यह भी पड़ताल कर रही है कि क्या डॉ. रश्मि वर्मा के आत्महत्या प्रयास के पीछे कार्यस्थल का दबाव और प्रताड़ना एक अहम कारण रही।



