भोजपुर मंदिर में वरमाला को लेकर विवाद, नवविवाहित जोड़े को रोका; ASI नियमों पर छिड़ी बहस
भोपाल के पास स्थित प्राचीन भोजपुर मंदिर में एक नवविवाहित जोड़े की वरमाला रस्म को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सुरक्षाकर्मियों ने दूल्हे को मंदिर परिसर में वरमाला पहनाने से रोक दिया, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
वीडियो में युवक, जो खुद को भूपेंद्र शर्मा बता रहा है, का कहना है कि वह अपनी पत्नी के साथ विधिवत विवाह के बाद केवल दो-तीन मिनट के लिए मंदिर में वरमाला की रस्म पूरी करने और दर्शन करने आया था। उसका आरोप है कि बिना किसी बड़े आयोजन के बावजूद सुरक्षाकर्मियों ने ‘पहले परमिशन लो’ कहकर रोक दिया।
दूसरी ओर, मंदिर के पुजारी अनूप गिरी ने स्पष्ट किया कि भोजपुर मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षित स्मारकों में शामिल है। ऐसे में किसी भी प्रकार की रस्म, आयोजन या विशेष गतिविधि के लिए संबंधित विभाग से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है।
पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि संरक्षित स्मारक होने के कारण बिना अनुमति कोई भी धार्मिक या सामाजिक रस्म नहीं की जा सकती, चाहे वह कितनी भी छोटी क्यों न हो।
फिलहाल, इस घटना के बाद ASI के नियमों और उनके पालन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।



