भोपाल। झीलों की नगरी कही जाने वाली मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल को शनिवार को मेट्रो सेवा की सौगात मिल गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्यमंत्री सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधियों ने मेट्रो में सफर कर इसकी सुविधाओं का अनुभव किया।
मेट्रो सेवा की शुरुआत से भोपाल के शहरी परिवहन को नई गति मिलेगी और आम नागरिकों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। यह परियोजना राजधानी के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित कई मंत्री मेट्रो ट्रेन में सवार होकर एम्स स्टेशन तक पहुंचे। यात्रा के बाद मुख्यमंत्री ने मेट्रो अनुभव साझा करते हुए कहा, “ट्रेन ऐसी चली कि आनंद आ गया। मेट्रो से भोपाल बहुत सुंदर लगा। एम्स आने-जाने वाले मरीजों के लिए यह एक बड़ी सौगात साबित होगी।”
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर इंदौर में प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो से जुड़ी चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार उनके समाधान के लिए गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र में डबल इंजन की सरकार होने से विकास कार्यों को गति मिल रही है और जनता को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।

वहीं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मेट्रो सेवा को भोपाल की पहचान से जोड़ते हुए कहा, “झीलों की नगरी की शान मेट्रो के संचालन से और अधिक बढ़ी है। इससे हर नागरिक अपने आप को गौरवान्वित महसूस करता है।” उन्होंने बताया कि भोपाल देश का 26वां शहर बन गया है जहां मेट्रो सेवा शुरू हुई है। आने वाले दो वर्षों में राजधानी के एक छोर से दूसरे छोर तक मेट्रो के जरिए आवागमन संभव होगा।
मेट्रो परियोजना के शुरू होने से भोपालवासियों को तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुविधा मिलेगी, वहीं शहर की ट्रैफिक समस्या में भी कमी आने की उम्मीद है। यह परियोजना राजधानी के समग्र विकास की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।



